मप्र / पन्ना में जेम क्वॉलिटी वाला 29 कैरेट 46 सेंट का हीरा मिला; कीमत डेढ़ से दो करोड़ होने का अनुमान

पन्ना की हीरा खदान में काम करने वाले बृजेश उपाध्याय को जेम क्वॉलिटी का बेशकीमती हीरा मिला है।
पन्ना के हीरा कार्यालय में हीरे का वजन करने के जमा कराया गया है। पन्ना के हीरा कार्यालय में हीरे का वजन करने के जमा कराया गया है।
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पन्ना के हीरा कार्यालय में हीरे का वजन करने के जमा कराया गया है।पन्ना के हीरा कार्यालय में हीरे का वजन करने के जमा कराया गया है।

  • पन्ना में बृजेश उपाध्याय को मिला बेशकीमती हीरा, आठ महीने पहले भी मिला था 42 कैरेट का हीरा 
  • हीरा कार्यालय में जमा किया गया हीरा, नीलामी में रखा जाएगा, कीमत बृजेश को मिलेगी

दैनिक भास्कर

Sep 14, 2019, 06:53 PM IST

पन्ना. जिले में एक व्यक्ति को 25 साल की मेहनत के बाद खदान की खुदाई में शुक्रवार को 29 कैरेट 46 सेंट के वजन का जेम क्वालिटी का एक बेशकीमती हीरा मिला है। नीलामी में यह डेढ़ से दो करोड़ रुपये में बिक सकता है। हीरे को शासकीय हीरा कार्यालय में जमा कराया गया है। पन्ना के खनिज अधिकारी आरके पांडेय ने हीरा कार्यालय में पदस्थ पारखी से हीरे की जांच कराकर वजन कराया। 

 

दो दशक से ज्यादा समय से हीरे की खदानों में काम कर रहे बृजेश उपाध्याय की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब 29.46 कैरेट का हीरा उनके हाथ लगा। इस हीरे की कीमत करोड़ों में है। जेम क्वालिटी के इस हीरे को स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी बेशकीमती बता रहे हैं। बृजेश ने बताया कि खदान में जब पहली बार इस हीरे पर उसकी नजर पड़ी थी, तो एकबारगी लगा था कि कांच का टुकड़ा है। गौर से देखने पर पता चला कि इतना बड़ा हीरा है। 

 

पन्ना जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि बृजेश उपाध्याय को शुक्रवार को उज्ज्वल क्वालिटी का एक बेशकीमती हीरा मिला है। यह हीरा उसे पन्ना से करीब 15 किलोमीटर दूर कृष्णकल्याणपुर के पटी में खदान की खुदाई के दौरान मिला है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े कैरेट का हीरा नि:संदेह बहुत कम मिलते हैं।

 

नीलामी में रखा जाएगा बेशकीमती हीरा 

कलेक्टर ने बताया कि उपाध्याय ने इस हीरे को यहां हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है और जल्द ही इसे बेचने के लिए नीलामी में रखा जाएगा। इस हीरे की नीलामी से जो भी पैसा मिलेगा, उसमें से टैक्स काट कर बृजेश उपाध्याय को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से खदानों को खोदने का संचालन कर रहा है, ताकि उसे उनमें हीरे मिल सकें।

 

25 साल से हीरे की खोज में मेहनत कर रहे बृजेश 

बृजेश उपाध्याय ने बताया, ‘‘मैं हीरा खोजने के लिए खदानें खोदने के काम का संचालन करता हूं। पिछले करीब 25 साल से यह काम कर रहा हूं। मैं मजदूरों से भी खोदने का काम करवाता हूं और खुद भी खदानें खोदता हूं। ये हीरा मुझे खदान की खुदाई के दौरान मिला है। इससे पहले भी मुझे खदानों की खुदाई के दौरान 4 से 5 सेंट के छोटे-छोटे हीरे मिल चुके हैं। लेकिन इतना बड़ा हीरा पहली बार मिला है।’’

 

आठ महीने पहले मिला था 42 कैरेट का हीरा 

इससे पहले भी 8 माह पहले पन्ना के ही गरीब मजदूर मोतीलाल को 42 कैरेट 59 सेंट वजन का नायाब हीरा मिला था। यह 42.59 कैरेट वजन वाला हीरा खुली नीलामी में 6 लाख रूपये प्रति कैरेट की दर से 2 करोड़ 55 लाख रूपये में बिका था, जिसे झांसी के निवासी राहुल अग्रवाल ने खरीदा था।

 

उथली खदानों से दो दुर्लभ हीरे मिल चुके हैं
इस नायाब हीरे की अनुमानित कीमत अधिकृत रूप से अभी नहीं बताई गई लेकिन जानकार इसकी कीमत करीब दो करोड़ रूपये बता रहे हैं। इस माह बीते 15 दिनों में जिला मुख्यालय स्थित हीरा कार्यालय में उज्जवल किस्म के चार हीरे जमा हो चुके हैं लेकिन बीते 8 माह के दौरान उथली खदानों से दो बड़े और दुर्लभ हीरे मिले हैं। हीरा खदानों से हीरा मिलने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे हीरों की तलाश करने वाले लोगों में जहां भारी उत्साह है।

 

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