मध्य प्रदेश / भारत में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का फंड मैनेजर चोरी के तार के साथ गिरफ्तार



isis-fund manager got arrested in satna
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isis-fund manager got arrested in satna

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 05:28 PM IST

सतना। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई  का फंड मैनेजर होने के आरोप में फरवरी 2017 में जिस बलराम सिंह को एमपी एटीएस यहां से गिरफ्तार कर भोपाल ले गई थी, उसी बलराम को गुरुवार को कोलगवां पुलिस ने चोरी की 3 बंडल  एल्यूमीनियम तार के साथ गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया है। 


पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी बलराम सिंह तकरीबन 8 माह पहले केंद्रीय कारागार भोपाल से जमानत पर बाहर आया था। उसे वर्ष 2017 की 8 फरवरी को एमपी एसटीएफ की एक टीम ने कोलगवां थाना क्षेत्र की संग्राम कालोनी से उसकी गिरफ्तारी की थी। आरोप है कि बलराम ने चाइनीज बॉक्स की मदद से अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित एक ऐसा समनांतर टेलीफोन एक्सचेंज बना रखा था, जो इंटरनेट कॉल को सेल्युलर कॉल में बदल कर कॉलर की पहचान छिपा लेता था। यानि इसी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से विदेशी कॉल लोकल कॉल में बदल जाते थे। इस माध्यम का इस्तेमाल पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर ऑनलाइन ठगी, एटीएम और लॉटरी ड्रॉ जैसे फ्रॉड में भी किया जाता था। 

 

जम्मू कश्मीर के 2 आतंकियों ने खोली थी पोल : उल्लेखनीय है सतना से बलराम की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में दनादन दबिश देकर 13 ऐसे ही पाकिस्तानी जासूस पकड़ते हुए लगभग डेढ़ दर्जन फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया था। तब एटीएस के प्रमुख संजीव शमी ने एक प्रेस कांफ्रेस में माना था कि जम्मू कश्मीर में पकड़े गए दो पाकिस्तानी आतंकी सतविंदर और दादू की निशानदेही पर एटीएस सतना में बलराम तक पहुंची थी।

 

बहुत शातिर है: एटीएस ने तब इस तथ्य की भी पुष्टि की थी कि पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी तक प्रदेश के सामरिक महत्व के ठिकानों और सेना से जुड़ी खुफियां जानकारी जुटाने में लगे जासूसों तक धन पहुंचाने के लिए बलराम सिंह द्वारा जुगाड़े गए बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। पूरे प्रदेश में धन के आवागमन का जिम्मा इसी शख्स के पास था। बलराम बैंक खातों और डेबिट कार्ड का प्रबंध लोगों को अतिरिक्त धन देने लालच देकर किया करता था।


 

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