मध्य प्रदेश / छतरपुर में वृद्धा से ज्यादती कर हत्या करने वाले आरोपी को फांसी की सजा



mp news senior citizen lady rapist and murderer got death penalty
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mp news senior citizen lady rapist and murderer got death penalty

  • बेहोशी की हालत में मिली महिला की इलाज के दौरान हुई थी मौत  
  • विशेष न्यायाधीश ने वारदात को जघन्य अपराध करार दिया

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2019, 11:13 AM IST

छतरपुर। मानवता को शर्मसार कर 75 साल की वृद्ध महिला के साथ ज्यादती कर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया है। विशेष न्यायाधीश नोरिन निगम ने इस वारदात को बहुत ही जघन्य करार दिया। फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा दी है। 

 

दो साल पहले 22 फरवरी 17 को सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वह वृद्ध महिला किराए के घर में रहती थी। 21 फरवरी की रात को वह खाना खाकर अपने कमरे में साे गई। सुबह करीब 5 बजे उसने देखा कि महिला के कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। वहां जाकर देखा तो वृद्धा के शरीर पर चोट के साथ खून बह रहा था। बेहोशी की हालत में महिला को जिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना स्थल से एक चश्मा और शर्ट के बटन बरामद किए। 28 फरवरी को इलाज के दौरान पीड़िता की ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई।  


सबूत मिले थे: चश्मा और बटन के आधार पर नया मोहल्ला के रीबू उर्फ अकबर खान (25) को पुलिस ने हिरासत से लेकर पूछताछ की। रीबू ने पुलिस को बताया कि वह घटना की रात एक शादी से वापस लौटा तो रात करीब 1 बजे पीड़ित के घर में घुस गया। घर में पीड़िता अकेली सो रही थी। इसी दौरान उसने वृद्धा के साथ मारपीट कर जबरन ज्यादती की तो पीड़िता बेहोश हो गई। आरोपी का चश्मा मौके पर गिर गया और वृद्धा से छीना झपटी में उसकी शर्ट का बटन भी टूट गया।  


सागर की प्रयोगशाला में हुआ मिलान : पुलिस ने मौके से जब्त बटन और घटना के समय पहने कपड़ों से खून के सैंपल, जैविक पदार्थ से लगे कपड़े राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर जांच के लिए भेजे। जांच में यह पाया गया कि मौके पर जब्त बटन आरोपी रीबू के शर्ट का है और आरोपी के कपड़ों में महिला का खून पाया गया। जैविक पदार्थ के मिलान की पुष्टि भी हो गई।  


न्यायाधीश नोरिन निगम की कोर्ट ने सुनाई सजा : एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि अभियोजन की ओर से डीपीओ एसके चतुर्वेदी ने पैरवी करते हुए गवाहों और सबूत काे अदालत में पेश कर आरोपी को कठोर सजा देने की अपील की। विशेष न्यायाधीश नोरिन निगम की कोर्ट ने आईपीसी की धारा 450 में 10 साल कठोर कैद, 2 हजार रुपए जुर्माना, धारा 376 में उम्रकैद के साथ 5 हजार रुपए जुर्माना और धारा 302 में मृत्युदंड की सजा सुनाई। 


मप्र में डीपीओ की पैरवी में सर्वाधिक फांसी की सजा : अभियोजन की ओर से डीपीओ एसके चतुर्वेदी के पैरवी के समय मामलो में मप्र में सबसे अधिक फांसी की सजा हुई हैं। अभी तक छतरपुर में 4 मामलों में फांसी करा चुके हैं। जिसमें एक पिता को अपनी ही सगी बेटी के साथ रेप के मामले में फांसी हुई। राजनगर थाना क्षेत्र में 3 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी तौहीद को फांसी दी गई। इसके साथ ही महाराजपुर थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों सहित भतीजे की हत्या करने के मामले में आरोपी भागचंद्र को फांसी की सजा हुई है।

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