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आदेश / एडॉप्शन एजेंसियों द्वारा अनाथ बच्चों के निरीक्षण संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिबंध



  • हाईकोर्ट की जुविनाइल जस्टिस कमेटी ने जनसंपर्क और महिला एवं बाल विकास विभाग को जारी किए निर्देश
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 08:54 AM IST

जबलपुर.  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जुविनाइल जस्टिस कमेटी ने अनाथ आश्रमों, रिमांड होम, चाइल्ड केयर होम, शेल्टर होम्स आदि में विभिन्न एडॉप्शन एजेंसियों द्वारा बच्चों के निरीक्षण या जांच के संबंध में अखबारों, पत्रिका, श्रव्य दृश्य मीडिया में किसी भी समाचार के प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाया है।

 

कमेटी ने इस संबंध में आयुक्त जनसंपर्क विभाग, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग, बालकों के अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को इस संबंध में पत्र भेज कर दिशा निर्देश जारी किए हैं। पत्र में कहा गया है कि किशोर न्याय देख-रेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 74 में इस प्रकार की रिपोर्टिंग पर पूर्णत: प्रतिबंध है।

 

अनाथ बच्चों के नाम, पता, स्कूल या कोई विशिष्ट पहचान उजागर होने से उसके एडॉप्शन में दिक्कतें आती हैं। पत्र में कहा गया है कि हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति के संज्ञान में आया है कि हाल ही में स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी और चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट द्वारा प्रदेश में किए गए निरीक्षण के विभिन्न समाचार उक्त अधिनियम के उल्लंघन में प्रकाशित किए गए हैं। ऐसे में बालकों के हितों और उनके संरक्षण का अधिकार प्रभावित होता है। 

 

किशोर न्याय समिति ने प्रदेश में कार्यरत स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी और चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट को निर्देश दिए हैं कि वे जब भी कोई शेल्टर होम में निरीक्षण या जांच करने जाते हैं तो उस दौरान भी अपने साथ मीडिया माध्यमों को नहीं ले जाएं।

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