वर्ल्ड टीबी डे / एक साल के भीतर टीबी के 65 से ज्यादा मरीजों की मौत, 18 से होगी जागरुकता सप्ताह की शुरुआत

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 12:41 PM IST


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सागर। विश्व क्षय रोग दिवस (वर्ल्ड टीबी डे) के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन नई रणनीति के तहत इस बार कार्ययोजना तैयार कर रहा है। 18 मार्च से टीबी जागरुकता सप्ताह भी शुरु हो रहा है। इस तारतम्य में सोमवार को कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक जिले के स्वास्थ्य समेत महिला बाल विकास, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, नगर निगम जिला पंचायत समेत अन्य सरकारी-गैर सरकारी संगठनों की बैठक ले रही हैं।

 

 

इस बैठक में टीबी के उन्मूलन की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के टीबी मुक्त भारत संकल्पना-2025 पर भी चर्चा होगी। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसआर रोशन ने बताया कि इस वर्ष टीबी के उन्मूलन के क्षेत्र में जिले में अच्छा काम हुआ है। इस साल 3050 नए मरीज खोजे गए हैं, जिन्हें डॉट्स पद्धति से उपचार दिया जा रहा है। वहीं शासन द्वारा पोषाहार सहायता योजना के तहत 500 रु. प्रतिमाह उपचार होने तक मदद दी जा रही है। जिले में इस साल उपचाररत मरीजों में से 65 से अधिक की मौत हो गई तथा अपूर्ण उपचार लेकर 125 मरीज एमडीआर श्रेणी में शामिल हो गए। एमडीआर मूलत: मल्टी ड्रग रेजिस्टेंन्स है, जिसमें मरीजों पर टीबी के सामान्य दवाएं असर नहीं करती हैं। 


एचआईवी से ज्यादा टीबी से होती है मौतें 
जिला क्षय केंद्र के सीनियर लैब सुपरवाइजर अमिताभ चौबे के अनुसार सागर समेत बुंदेलखंड में टीबी काफी हद तक नियंत्रण में है लेकिन देश में अभी भी कई राज्यों में इस रोग के प्रति गंभीरता से काम नहीं हो रहा है। नतीजतन देश में प्रति डेढ़ मिनट में एक मौत हो जाती है। देश में टीबी के हर साल 4 लाख 80 हजार मरीजों की मौत हो जाती है जबकि एचआईवी से 67 हजार मरीजों की मौत होती है। चौबे के अनुसार इस स्थिति में सुधार लाने के लिए बीते दो साल से नर्सिंग होम्स, प्राइवेट डॉक्टर्स, एक्स-रे, सोनोग्राफी व पैथालॉजी संचालकों को प्रति मरीज खोजने और उसकी सरकारी रिपोर्टिंग करने पर 500 रु. बतौर प्रोत्साहन राशि दिए जा रहे हैं। जिले में इस योजना का धीरे-धीरे असर हो रहा है।

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