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बालाघाट / तेंदुए का शिकार करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा, 10 हजार जुर्माना



The leopard hunter jail to 3 years in Balaghat, 10 thousand fines
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The leopard hunter jail to 3 years in Balaghat, 10 thousand fines

  • तस्कर ने बिरसा के जंगल में तेंदुए का शिकार कर उसका चमड़ा, खोपड़ी, दांत, पैर, नाखुन और 28 दांत बेचने के लिए रखे थे 

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 06:11 PM IST

बालाघाट. बैहर न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी मधुसूदन जंघेल की कोर्ट ने शुक्रवार को 1 जुलाई 2011 के वन्यप्राणी तेंदुए के शिकार मामले में आरोपी को 3 वर्ष का कारावास और 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाने का आदेश सुनाया है। मामले में शासन की ओर से सहायक लोक अभियोजन अधिकारी पंजाबसिंह राजपूत ने पैरवी की। मामले में आरोपी ने बिरसा के जंगल में तेंदुए का शिकार कर उसका चमड़ा, खोपड़ी, दांत, पैर, नाखुन और जबड़ा समेत 28 दांत अपने पास रखा है, जिसे वह बेचना चाहता था।

    

बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के आमगांव निवासी 55 वर्षीय थान सिंह पिता प्यारेलाल कुर्मी को वनमंडल कान्हा रिजर्व के बफरजोन अंतर्गत खापा परिक्षेत्र अधिकारी की टीम ने छत्तीसगढ़ के सुतनिन गांव के भैंसकुंड माई मंदिर में पुजारी बनकर बैठे आरोपी थानसिंह को तेंदुए के शिकार मामले में पूछताछ के लिए पकड़ा गया था। 

 

तस्करी के लिए तेंदुए की खाल, दांत, नाखून रख लिए थे : आरोपी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि बिरसा के जंगल में उसने तेंदुए का शिकार कर उसका चमड़ा, खोपड़ी, दांत, पैर, नाखुन और 28 दांत सहित जबड़ा अपने पास रखा है, जिसे वह बेचना चाहता था। जिसकी निशानदेही पर टीम ने मंदिर के नीचे आवास कालोनी में बैग से तेंदुए के अवशेष को बरामद किए थे। आरोपी के खिलाफ वन्यप्राणी अधिनियम के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद बैहर कोर्ट में मामला चल रहा था। 

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