मध्य प्रदेश / कॉरीडोर से सतना पहुंच गया बांधवगढ़ का टाइगर



tiger from bandhavgarh reached satna from corridor
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tiger from bandhavgarh reached satna from corridor

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 04:58 PM IST

सतना। परसमनिया पठार के धनिया बीट के घने जंगल टाइगर की दहाड़ से गूंज उठे। रोपणी में चल रहे काम की निगरानी करने जा रहे वनकर्मियों ने जैसे ही पगडंडी में टाइगर के ताजे पगमार्क देखे, वैसे ही इधर-उधर आहट लेने लगे। कुछ ही देर में उसने अपनी मौजूदगी की तस्दीक दहाड़ लगाकर की। गर्जना सुनते ही वनकर्मी उल्टे पैर भाग खड़े हुए।

 


मालूम हो कि बीते कुछ सालों से ठंड के दिनों में प्राय: प्रतिवर्ष टाइगर परसमनिया पठार के जंगल में पहुंच जाता है। इस बार धनिया और उरईचुआ के कक्ष क्रमांक पी-417 और पी-413 के बीचों-बीच वनराज ने अपना ठिकाना बनाया है। टाइगर की मौजूदगी के चश्मदीद बीट गार्ड रामदयाल दुबे का दावा है कि यह टाइगर बरही की ओर से यहां आ गया है। यह रास्ता बाघों का पुराना कॉरीडोर है और बाघ 200 सालों तक अपने पुरखों के कॉरीडोर को याद रखते हैं। यह उनके अंदर कुदरती गुण होता है। वन संरक्षक राजीव मिश्र ने कहा कि जिले के जंगल में बाघों के लिए पर्याप्त भोजन-पानी और आश्रय मौजूद है। टाइगर की मौजूदगी के मद्देनजर मैदानी अमले को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है। उसे हर तरह की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। आसपास के ग्रामीणों को हिदायत दी जा रही है कि जंगल की ओर नहीं जाएं। 

 

 

बरही या पन्ना : परसमनिया पठार में चहलकदमी कर रहे वनराज बरही की तरफ से आए अथवा पन्ना टाइगर रिजर्व की ओर से यहां पहुंचे, इस बात पर लोग एक राय नहीं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह टाइगर कुछ दिन पहले बरही के आसपास जंगल में धमाचौकड़ी मचा रहा था, वहां पर कई मवेशियों को मारा था। इन दिनों वहां इसकी आहट नहीं मिल रही है, लिहाजा वहीं से यहां पहुंचा। इसके उलट कुछ लोग यह मानते हैं कि साल दर साल पन्ना टाइगर रिजर्व से कोई न कोई बाघ यहां पहुंच जाता है। इस वर्ष भी संभवत: वहीं से यह आ पहुंचा। एक बात साफ है कि इस टाइगर के कालर आईडी नहीं लगी है वरना अब तक टाइगर रिजर्व के प्रबंधन को इसकी लोकेशन के बारे में पता चल गया होता। 

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