--Advertisement--

चुरहट में सीएम शिवराज के रथ पर पथराव, भाजपा बोली- कांग्रेस की हरकत

चौहान ने मंच से कहा- छुपकर पत्थर फिंकवाने वाले में अगर ताकत है तो सामने मुकाबला करो; मैं डरने वाला नहीं

Danik Bhaskar | Sep 03, 2018, 11:19 AM IST

चुरहट (सीधी). मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा रविवार को चुरहट पहुंची। रात करीब 9:30 बजे मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव हुआ, जिससे उनके रथ (वाहन) का कांच फूट गया। भाजपा का आरोप है कि यह पथराव कांग्रेस ने करवाया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि छुपकर पत्थर फिंकवाने वाले में अगर ताकत है तो सामने मुकाबला करो। मैं डरने वाला नहीं हूं। मेरे साथ प्रदेश की जनता खड़ी है। उनका इशारा कांग्रेस नेता अजय सिंह की ओर था। उन्होंने अजय सिंह पर हमला करते हुए कहा कि ‘तुम राजनीत को कहां ले जाओगे। तुम्हारे पिताजी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रहे हैं। पंजाब के गवर्नर भी रहे हैं। उन्होंने कभी इस तरह के संस्कार नहीं डाले। वे तो भाजपा के एक कार्यक्रम में हम लोगों ने बुलाया था तो मुख्यमंत्री रहते हुए आए थे। उन्होंने मतभेद को कभी मनभेद नहीं बनाया।

सिंगरौली में मुख्यमंत्री के काफिले में दो घंटे तक चले कांग्रेस के पूर्व विधायक नरवरिया : सिंगरौली जिले के बैढ़न में मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा में काफिले के साथ भिंड जिले की मेहगांव सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक हरीसिंह नरवरिया अपने एक समर्थक के साथ घुस गए। मुख्यमंत्री की गाड़ी से छह गाड़ियों बाद उनका वाहन करीब दो घंटे तक कारकेड के साथ चला। इसी दौरान सुरक्षा दस्ते की जानकारी में आया तो पूर्व विधायक को रोककर एसपी व पुलिस अधिकारियों की ओर से पूछताछ की गई और बाद में उन्हें कारकेड से बाहर किया गया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की समन्वय समिति अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी बैढ़न के पास ही एक बैठक के सिलसिले में गए थे। नरवरिया उनके साथ थे। करीब डेढ़ माह से चल रही जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान यह पहला मामला है, जब कांग्रेस का कोई पूर्व विधायक मुख्यमंत्री के कारकेड में आया है।

राजस्थान में वसुंधरा के गौरव यात्रा रथ पर हो चुका पथराव : राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दूसरे चरण में 25 अगस्त को जोधपुर में कई जगहों पर विरोध, हंगामा हो गया था। पीपाड़ में तो रात में गौरव रथ पर पथराव भी कर दिया गया था। यहां प्रदर्शनकारी अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। पीपाड़ में भीड़ में से लोगों ने पत्थर उछाल दिए, जिससे गाड़ियों के कांच टूट गए थे। माहौल गर्माने के बाद राजे चार्टर प्लैन बुलाकर वापस जयपुर चलीं गईं थी।