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चेतावनी दी तो रात को ही दौड़ने लगीं 108 एम्बुलेंस

Jaora News - 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी वेतन में कटौती होने के विरोध में हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:30 AM IST
चेतावनी दी तो रात को ही दौड़ने लगीं 108 एम्बुलेंस
108 एम्बुलेंस के कर्मचारी वेतन में कटौती होने के विरोध में हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा। एम्बुलेंस नहीं मिलने से मरीजों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुरुवार देर शाम एम्बुलेंस कर्मचारियों ने कंपनी अधिकारियों को चाबियां देने से मना कर दिया। सीएमएचओ ने एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी। इसका असर हुआ और कर्मचारियों ने रात 12 बजे बाद हड़ताल स्थगित कर दी।

108 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ अध्यक्ष राहुल गोमे व उपाध्यक्ष वाहिद अहमद ने बताया कर्मचारियों के वेतन में से कंपनी तीन महीने से 1500 से 2000 रुपए कटौती कर रही है। 26 जनवरी को हड़ताल करने का फैसला किया था लेकिन कंपनी ने आश्वासन देकर समझौता कर लिया, उस दौरान कंपनी ने काटे गए रुपए लौटाने की बात कही थी। पुराने रुपए देना तो दूर फरवरी की तनख्वाह भी काट ली। अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो वह भी टालमटोल जवाब देते हैं। विरोध में फरवरी में भी हड़ताल की थी लेकिन अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म कर दी थी। कर्मचारियों ने ग्वालियर लेबर कोर्ट के आदेशानुसार 8 घंटे ड्यूटी लेने के आदेश का पालन करने की बात कही। फिलहाल त्योहार के मद्देनजर हड़ताल स्थगित की गई है।

अधिकारियों को नहीं सौंपी गाड़ियां

108 एम्बुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी जिगित्सा हेल्थ केयर के अधिकारियों ने गुरुवार शाम कर्मचारियों से कंट्रोल रूम पर चर्चा की। टीएल मयंक पांडे ने कर्मचारियों से गाड़ियां हैंडओवर करने का कहा लेकिन कर्मचारियों ने मना कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि हमारे पास ऑर्डर है चाबियां तो देना पड़ेंगी। कर्मचारियों ने इस दौरान अपना हक का पैसा मांगने की बात कही। जिलाध्यक्ष राहुल गोमे, हेमंत पांचाल, गोपाल तिवारी, शेर मोहम्मद, अजय पचलासिया, मधुसूदन प्रजापति आदि मौजूद थे।

जिले की 11 एम्बुलेंस बंद रहीं, जननी से पहुंचे मरीज

रतलाम जिले में 11 एम्बुलेंस हैं। इनमें जिला अस्पताल में 2, जावरा में 1, ढोढर में 1, ताल में 1, आलोट 1, पिपलौदा 1, सैलाना 1, नामली 1, बिलपांक 1, रावटी 1 एम्बुलेंस है। गुरुवार को सभी एम्बुलेंस बंद होने से मरीजों को 100 डायल व जननी एक्सप्रेस का सहारा लेना पड़ा। कई मरीजों को यह भी नहीं मिली।

भास्कर संवाददाता|। रतलाम

108 एम्बुलेंस के कर्मचारी वेतन में कटौती होने के विरोध में हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा। एम्बुलेंस नहीं मिलने से मरीजों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुरुवार देर शाम एम्बुलेंस कर्मचारियों ने कंपनी अधिकारियों को चाबियां देने से मना कर दिया। सीएमएचओ ने एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी। इसका असर हुआ और कर्मचारियों ने रात 12 बजे बाद हड़ताल स्थगित कर दी।

108 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ अध्यक्ष राहुल गोमे व उपाध्यक्ष वाहिद अहमद ने बताया कर्मचारियों के वेतन में से कंपनी तीन महीने से 1500 से 2000 रुपए कटौती कर रही है। 26 जनवरी को हड़ताल करने का फैसला किया था लेकिन कंपनी ने आश्वासन देकर समझौता कर लिया, उस दौरान कंपनी ने काटे गए रुपए लौटाने की बात कही थी। पुराने रुपए देना तो दूर फरवरी की तनख्वाह भी काट ली। अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो वह भी टालमटोल जवाब देते हैं। विरोध में फरवरी में भी हड़ताल की थी लेकिन अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म कर दी थी। कर्मचारियों ने ग्वालियर लेबर कोर्ट के आदेशानुसार 8 घंटे ड्यूटी लेने के आदेश का पालन करने की बात कही। फिलहाल त्योहार के मद्देनजर हड़ताल स्थगित की गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ने देंगे कोई असर


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चेतावनी दी तो रात को ही दौड़ने लगीं 108 एम्बुलेंस
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