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‘जलन भावना आग से भी भयंकर, नुकसान पहुंचाती’

जावरा | जलन की भावना अग्नि से भी भयंकर है। अग्नि तो एक जन्म में ही नुकसान करती है, लेकिन जलन कई जन्मों तक नुकसान...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:35 AM IST
जावरा | जलन की भावना अग्नि से भी भयंकर है। अग्नि तो एक जन्म में ही नुकसान करती है, लेकिन जलन कई जन्मों तक नुकसान पहुंचाती है। यह ऐसे भयंकर कर्म करवाती है कि आत्मा कई जन्मों तक संसार में भटकती रहती है। यह बात पद्ममुनि ने रविवार को जैन दिवाकर भवन में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की धर्मसभा में कही। उन्होंने कहा- आज लोग जलन भावना से इतने दु:खी हैं कि सर्वत्र अशांति है, भाई-भाई से जलता है। लोग अपने दु:ख से दुखी नहीं हैं, जितने ूुसरे के सुख से दु:खी है। हम जलन से मुक्त होंगे तभी जीवन सफल बना पाएंगे। इंदरमल टुकड़िया, कनकमल चौरड़िया, दीपचंद डांगी, ओमप्रकाश श्रीमाल, धरमचंद श्रीश्रीमाल आदि मौजूद थे।

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