Hindi News »Madhya Pradesh »Jaora» ये कैसी अनदेखी प्रतिबंध के कारण वित्तीय वर्ष समाप्ति के बावजूद 200 रजिस्ट्री कम हुई

ये कैसी अनदेखी प्रतिबंध के कारण वित्तीय वर्ष समाप्ति के बावजूद 200 रजिस्ट्री कम हुई

एक तरफ सरकार ने पूर्णत: अवैध कॉलोनियों को नियमित करने व उनमें विकास कार्य करवाने के लिए काम शुरू कर दिया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:25 AM IST

ये कैसी अनदेखी प्रतिबंध के कारण वित्तीय वर्ष समाप्ति के बावजूद 200 रजिस्ट्री कम हुई
एक तरफ सरकार ने पूर्णत: अवैध कॉलोनियों को नियमित करने व उनमें विकास कार्य करवाने के लिए काम शुरू कर दिया है। रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। वहीं कागजों में वैध लेकिन मौके पर अविकसित तथा 2016 के बाद काटी गई पूर्णत: अवैध कॉलोनियों को लेकर भी सरकार स्पष्ट कर चूंकि हैं कि ऐसी कॉलोनियां नियमितिकरण के दायरे में नहीं आएगी। यानी अविकसित में सुविधाएं देने की जिम्मेदारी लाइसेंसी कॉलोनाइजरों की रहेगी और पूर्णत: अवैध को सीधे तौर पर हटाया जाएगा। इनमें बसे रहवासियों को सरकारी मदद नहीं करेगी।

यहां तक कि कलेक्टर ने अवैध कॉलोनियों में भवन-भूखंड की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा रखी है। बावजूद नगर से लगे बाहरी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां कट रही हैं। कई लोगों ने तो बिना मापदंड के खेतों में पक्की सड़कें बना दी और प्लॉट बेचने लगे हैं। खासकर ताल रोड, उज्जैन बायपास, लालाखेड़ा, खाचरौद रोड, बहादुरपुर रोड, पिपलौदा रोड, बोरदा रोड, फोरलेन, भीमाखेड़ी रोड व हुसैन टेकरी क्षेत्र में कई स्थानों पर खेतों में रोड डालकर प्लॉट बेचने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसे लोगों के पास ना कागजी कार्रवाई पूरी है और ना ही नए नियमों के अनुसार रेरा में रजिस्ट्रेशन किया है। प्रशासन अब ऐसे अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अवैध कॉलोनियों के अवैध धंधे को फलने-फूलने से रोकने के लिए कलेक्टर ने महीनेभर पहले ही 5 हजार वर्ग फीट से कम क्षेत्रफल वाले प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। नगर व आसपास क्षेत्र में मौजूदा स्थिति में 25 से अधिक ऐसी अवैध कॉलोनियां हैं। इन सभी में भूखंड की खरीदी-बिक्री महीनेभर से बंद हैं।

अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर रोक बावजूद खेतों में कट रहीं काॅलोनियां

निवेशकों की परेशानी बढ़ी, रजिस्ट्रार कार्यालय सुनसान पड़ा रहा

हर साल 31 मार्च को रजिस्ट्रार कार्यालय में भीड़ रहती है लेकिन इस बार शाम तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।

5 हजार वर्गफीट से कम प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं

अवैध कॉलोनियों में 5 हजार वर्ग फीट से कम के प्लॉट की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध है। इसलिए मार्च में इस बार कम रजिस्ट्री हुई है। कागजी रूप से वैध लेकिन अविकसित कॉलोनी में रजिस्ट्री चालू है। वहां डेवलपमेंट हुआ या नहीं यह देखना नगरपालिका, टीएनसी व स्थानीय प्रशासन से जुड़ा मामला है। -बृजेंद्र शुक्ला, रजिस्ट्रार, जावरा

अवैध कॉलोनियों में सस्ती दर पर प्लॉट खरीदकर लोग निवेश कर देते हैं और बाद में दूसरों को बेचकर मोटी रकम कमा लेते हैं। सबसे बड़ा फायदा अवैध रूप से कॉलोनी काटने वाले को होता है, क्योंकि उन्हें न कोई सरकारी फीस भरना होती है और न कोई कागजी तैयारी से गुजरना पड़ता है। सीधे प्लॉट बेचे और पैसे लेकर बाहर हो जाते हैं। बाद में परेशानी निवेशक या उनके मार्फत प्लॉट खरीदने वाले झेलते हैं। रजिस्ट्री पर रोक का असर इन सभी पर है। रजिस्ट्रार कार्यालय भी प्रतिबंध के कारण सुनसान ही पड़ा रहा। हर साल मार्च में सबसे अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं। पिछले साल साढ़े 500 रजिस्ट्री हुई थी जबकि इस बार 339 हुई है। 31 मार्च को दिनभर ऑफिस खुला रहा लेकिन कोई नहीं आया। अब चर्चा चल रही है कि ग्वालियर के एक व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट से हुए निर्णय का हवाला देते हुए खुद रजिस्ट्रार विभाग कलेक्टर को प्रस्ताव भेज रहा है कि वे प्रतिबंध हटाएं, क्योंकि इससे विभाग व सरकार को राजस्व की हानि हो रही है लेकिन इस पर निर्णय कलेक्टर के अवकाश से आने के बाद होगा।

नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा

यदि बिना रजिस्ट्रेशन और बिना परमिशन के अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है तो नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। नए नियमों के तहत जो प्रावधान होंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वीरसिंह चौहान, एसडीएम जावरा

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jaora

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×