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1 साल 33 दिन में पीआईसी का पुनर्गठन, भाजपा पार्षद दल की सचेतक मेहता बाहर, भाटी शामिल

नगरपालिका में दो दिन पहले पीआईसी की बैठक के दौरान सीएमओ से तनातनी के बाद सभी 7 सभापति बैठक का बहिष्कार करके चले गए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 07:15 AM IST

1 साल 33 दिन में पीआईसी का पुनर्गठन, भाजपा पार्षद दल की सचेतक मेहता बाहर, भाटी शामिल
नगरपालिका में दो दिन पहले पीआईसी की बैठक के दौरान सीएमओ से तनातनी के बाद सभी 7 सभापति बैठक का बहिष्कार करके चले गए थे। तब उन्होंने अध्यक्ष को भी तवज्जो नहीं दी थी। इसके बाद बुधवार को नपाध्यक्ष ने पीआईसी (प्रेसीडेंट इन कौंसिल) भंग करके सबको चौंका दिया। साथ ही पुनर्गठन के आदेश भी जारी कर दिए। पुरानी पीआईसी में से तीन बार की सीनियर पार्षद एवं भाजपा पार्षद दल की सचेतक सुमन मेहता को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जबकि पहली बार पार्षद बने अजयसिंह भाटी को नई पीआईसी में जगह मिल गई। होली के ठीक एक दिन पहले नपाध्यक्ष के इस निर्णय से संगठन व परिषद गलियारे में कई के चेहरे लाल-पीले हो गए। संगठन ने कहा हमारी जानकारी के बिना निर्णय हुआ, इसलिए अभी कुछ कहना उचित नहीं है।

नपाध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने पीआईसी भंग करने तथा लगे हाथ पुनर्गठन करने के मामले में केवल इतना कहा कि सबका साथ सबका विकास हो तथा परिषद के सभी साथियों को मौका मिले। इसलिए यह फेरबदल किया है। वरिष्ठ पार्षद सुमन मेहता का कार्यकाल अच्छा रहा। उनसे कोई दिक्कत नहीं है। यह रूटीन फेरबदल है और आगे भी होंगे। हो सकता है, मेहता को फिर से मौका मिल जाए। इधर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष महेश सोनी का कहना है पूर्व में जो पीआईसी गठित हुई थी, वह संगठन की सहमति से वरिष्ठों की रायशुमारी के बाद की गई थी। मौजूदा परिवर्तन की जानकारी मीडिया से मिली है। नपाध्यक्ष से हमारी इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। वे स्वतंत्र हैं और उन्होंने कोई फेरबदल किया है तो कारण भी उनसे ही पूछिए। पहली बार पार्षद बनकर पीआईसी में शामिल होने वाले अजयसिंह भाटी का कहना है मैंने कभी पद की डिमांड नहीं की। अब यदि कोई जिम्मेदारी मिली है तो पूरी मेहनत व ईमानदारी से निभाएंगे। पीआईसी से बाहर हुई मेहता ने मोबाइल बंद कर लिया। सीएमओ एपीएस गहरवार ने कहा अध्यक्ष ने पीआईसी पुनर्गठन की सूचना दी है। ये उनका स्वतंत्र अधिकार है। हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।

मेहता के बाहर होने के बाद अब ये हैं नई पीआईसी के सात चेहरे

अजयसिंह भाटी

विद्या कांठेड़

फेरबदल के पीछे यह बता रहे वजह

चुनाव के दो साल बाद 25 जनवरी 2017 को पीआईसी का गठन हुआ था। इसके पहले भी एक बार नपाध्यक्ष ने पीआईसी गठित की थी लेकिन तब नपाध्यक्ष पार्टी के बाहर थे, इसलिए संगठन ने सदस्यों से इस्तीफे दिलवा दिए थे। दसेड़ा के पार्टी में सम्मिलित होने के बाद 25 जनवरी को पीआईसी गठित हुई और 6 फरवरी 2017 को विभागों का बंटवारा किया गया था। अब अचानक हुए फेरबदल के पीछे चर्चा है कि कुछ सभापति दूसरों के इशारे पर काम कर रहे थे और नपाध्यक्ष को तवज्जो नहीं दे रहे थे। इसलिए यह झटका नपाध्यक्ष ने दिया ताकि बाकी पर असर नजर आए।

सुमन मेहता

घनश्याम सोलंकी

मोड़ीराम धाकड़

तेजुब हुसैन

प्रमिला धाड़ीवाल

कौशल्या यदुवंशी

सुमन मेहता के बाहर होने के बाद पुनर्गठित पीआईसी में अब वार्ड 11 के पार्षद अजयसिंह भाटी, वार्ड 10 के पार्षद मोड़ीराम धाकड़, वार्ड 12 की पार्षद प्रमिला धाड़ीवाल, वार्ड 18 की पार्षद विद्या कांठेड़, वार्ड 27 की पार्षद कौशल्या यदुवंशी, वार्ड 1 के पार्षद घनश्याम सोलंकी व वार्ड 3 के पार्षद तेजुब हुसैन सदस्य बनाए गए है। इन्हें विभागों का बंटवारा रंगपंचमी के बाद किया जाएगा। ज्यादातर के विभाग बदले जाएंगे।

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Web Title: 1 साल 33 दिन में पीआईसी का पुनर्गठन, भाजपा पार्षद दल की सचेतक मेहता बाहर, भाटी शामिल
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