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बैंक व्यापारियों को दे रही छोटे नोट, किसान नहीं ले रहे, मंडी में पौन घंटे बंद रही नीलामी

अरनियापीथा मंडी के अलसी अड्डे में नीलामी के दौरान व्यापारी द्वारा किसानों को उपज के बदले छोटे नोट से भुगतान करने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:35 AM IST

बैंक व्यापारियों को दे रही छोटे नोट, किसान नहीं ले रहे, मंडी में पौन घंटे बंद रही नीलामी
अरनियापीथा मंडी के अलसी अड्डे में नीलामी के दौरान व्यापारी द्वारा किसानों को उपज के बदले छोटे नोट से भुगतान करने की बात को लेकर हंगामा हो गया। किसानों का कहना है कि हमें बड़े नोट चाहिए और इधर व्यापारियों ने कहा हमें बैंक से ही छोटे नोट मिल रहे हैं तो हम बड़े नोट कैसे दें। यदि छोटे नोट नहीं चाहिए तो पूरी राशि का चेक ले लो। इसे लेकर पौन घंटे तक नीलाम बंद रहा। आखिर में मंडी निरीक्षक पहुंचे और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कलेक्टर को पत्र लिखकर समस्या दूर करने की बात कही, तब मामला शांत हुआ। सुबह 11.45 बजे नीलामी शुरू हो पाई।

मंडी में सुबह 11 बजे नीलामी शुरू होना थी, जैसे ही नीलामी शुरू हुई एक किसान की उपज के जब भुगतान की बात आई तो व्यापारी ने छोटे नोट दिए। इस पर किसान ने लेने से मना कर दिया। इसे लेकर सभी किसान एकजुट हो गए और नीलामी रोक दी। बड़े नोटों से भुगतान की मांग करने लगे। किसान नेता शिवनारायण धाकड़ ने बताया किसानों को उपज का पूरा भुगतान नकद नहीं हो रहा है। इधर मंडी व्यापारी भी 50 हजार की राशि का भुगतान छोटे नोट देकर कर रहा है। छोटे नोटों के बंडल में कुछ नोट खराब निकल जाते हैं, इससे किसानों को परेशानी हाेती है। किसानों को बड़े नोट देने की बात कही।

बिना मैसेज वाले किसानों की उपज खरीदना हुई शुरू

मंडी व्यापारी पवन पाटनी ने बताया मंडी में 150 व्यापारी हैं और रोज 10 से 15 करोड़ रुपए का लेन-देन होता है। इसके मान से जब व्यापारी बैंकों में राशि निकालने पहुंचते हैं तो बैंक व्यापारियों को कम राशि का भुगतान कर रही है। 5 लाख का चेक देने पर 2 लाख का भुगतान कर रही है और वो भी छोटे नोट याने 10-20-50 के बंडलों में। यही नोट किसान लेने में आनाकानी कर रहे हैं। छोटे नोट के बंडलों को मंडी लाने में खतरा है और कुछ नोट खराब निकल जाते हैं ताे किसानों को बदलकर देने में समय बर्बाद होता है। इधर बैंक भी एक साथ 200 से 250 आरटीजीएस एक दिन में नहीं कर पा रही है, इससे भी किसान नाराज है। व्यापारियों ने मंडी निरीक्षक जगदीश ओझा को ज्ञापन देकर मामले में मंडी सचिव व कलेक्टर से चर्चा कर समस्या दूर करने की बात कही।

मंडी में खाली बारदान का वजन 850 ग्राम काटा जा रहा

मंडी में लगा अलसी का ढेर, नीलामी हुई बंद

व्यापारी एक दिन पहले ही सूचना दे दें तो व्यवस्था कर देंगे - लीड बैंक अधिकारी के.के.सक्सेना ने कहा बैंकों में आगे से बड़े नोट नहीं आ रहे हैं, इससे छोटे नोट देना पड़ रहे हैं। जो बड़े नोट व्यापारी को दिए जाते हैं वो रख लेते हैं। मंडी व्यापारियों द्वारा अचानक पेमेंट की मांग की जाती है, इस कारण दिक्कत आ रही है। अगर व्यापारी पहले ही अपने खाते में बैलेंस की व्यवस्था कर लें और एक दिन पहले बता दें कि अगले दिन हमारे द्वारा इतनी राशि निकाली जाएगी तो बैंक व्यवस्था कर देगी।

बड़ावदा | कृषि उपज मंडी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र पर गेहूं तौलने को लेकर धांधली हो रही है। 50 किलो के ठेले को तौलने में खाली बारदान का वजन 650 ग्राम निर्धारित है। लेकिन खाली बारदान का वजन 850 से 900 ग्राम तक काटा जा रहा है। इस कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। रोज 100 क्विंटल से अधिक गेहूं तौले जा रहे हैं। किसान मांगीलाल परमार ने बताया बारदान का ज्यादा वजन काटने से हमें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उपार्जन केंद्र के सहायक सचिव वक्तावर सिंह ने बताया हमें जो निर्देश दिए गए हैं, उसी आधार पर माल तौला जा रहा है। मंडी सचिव ओपी खेड़े ने बताया बारदान का निर्धारित 650 ग्राम है। यदि उससे ज्यादा काटा जा रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी शुरू होने के बाद भी कई किसान पंजीयन का मैसेज नहीं आने के कारण उपज नहीं बेच पा रहे हैं। समर्थन मूल्य पर 11.106 किसानों के पंजीयन हुए हैं। जिनमें से करीब 10 किसानों की ही उपज खरीदी गई है। अभी भी गोडाउन खाली है। मंडी निरीक्षक जगदीश ओझा ने बताया पंजीकृत किसान जिनके पास मैसेज नहीं आया है, उनकी भी उपज खरीदी शुरू कर दी है। अन्य किसानों को सूचना देने के लिए सोसायटी को निर्देशित किया है।

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