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जीवन में कर्मों का महत्व, दुष्कर्मी का पतन निश्चित

नामली | मानव जीवन में कर्म ही सर्वोपरि है। जीवन में कर्मों का महत्व है। भगवान को अच्छे कर्म के कारण ही मोहिनी रूप...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:45 AM IST

नामली | मानव जीवन में कर्म ही सर्वोपरि है। जीवन में कर्मों का महत्व है। भगवान को अच्छे कर्म के कारण ही मोहिनी रूप मिला जो आज प्राणी मात्र के लिए पूजनीय है। कर्म के कारण मनुष्य की पहचान है। सद्कर्मी सब कुछ पा लेता है। भगवान तक उसकी शरण में चले जाते हैं किंतु दुष्कर्मी का पतन निश्चित है। मानव जीवन मिलना सदकर्मों का फल है। कर्म महान है, मनुष्य को कर्म करते रहना चाहिए चाहे वह भागवत कथा श्रवण करना हो। यह भी धर्म है जो मनुष्य का बेड़ा पार लगाने की नैया है। उक्त उदगार जावरा रोड पर ईश्वर लाल शंकरलाल धारवा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के वाचन में पंडित मधुसूदन चतुर्वेदी ताल ने व्यक्त किए। गुरुवार को कथा का तीसरा दिन था। भगवान कृष्ण जन्म के प्रसंग पर शाम 4 बजे जन्मोत्सव मनाया गया, जिसमें सैकड़ों पुरुषों महिलाओं ने नाचते गाते कथा में भाग लिया। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का वाचन हो रहा है, पूर्णाहुति 21 मई को पोथी यात्रा के रूप में होगी ।

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