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बड़ावदा नप के डेम से पानी लेने के प्रयास जावरा नगरपालिका का परिवहन खर्च बचेगा

नगर से 8 किमी दूर मलेनी नदी स्थित बैराज में महज एक फीट पानी बचा है, जो 10 जून तक साथ देगा। इसके बाद नपा को पेयजल परिवहन...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:50 AM IST
नगर से 8 किमी दूर मलेनी नदी स्थित बैराज में महज एक फीट पानी बचा है, जो 10 जून तक साथ देगा। इसके बाद नपा को पेयजल परिवहन करना पड़ेगा। इसमें 50 लाख से 1 करोड़ तक खर्च हो सकते हैं लेकिन यदि मौजूदा बैराज से तीन किलोमीटर दूर मलेनी नदी में इसी साल बने बड़ावदा नगरपरिषद के डैम में भरा पानी जावरा को मिलता है तो परिवहन खर्च बच जाएगा। इस गर्मी जलसंकट से भी निजात मिलेगी। इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज हो गए है। गुरुवार को जिला योजना समिति की बैठक में जलकल समिति सभापति अजयसिंह भाटी ने मुद्दा उठाया तो प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दे दिए।

नपा जलकल सभापति एवं जिला योजना समिति सदस्य भाटी ने गुरुवार दोपहर रतलाम में हुई जियोस बैठक में प्रभारी मंत्री दीपक जोशी एवं कलेक्टर रुचिका चौहान को पत्र सौंपा और जलसंकट का मुद्दा उठाया। भाटी ने कहा कि नगर की 80 हजार आबादी को कई वर्षों से एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई किया जा रहा है।

बड़ावदा नप डेम का पानी उपयोग नहीं कर रही, इसलिए जावरा ने मांगा

बड़ावदा नगरपरिषद के डैम में ढाई फीट पानी है। नपा इसका उपयोग नहीं कर रही।

गर्मी में हर साल होती है परेशानी - हर साल गर्मी में जलसंकट रहता है। इस बार भी केवल एक फीट पानी बचा है जो पखवाड़ेभर तक ही साथ देगा। फिर जलसंकट गहराएगा और परिवहन करना पड़ेगा। इससे बचने और जलसंकट की समस्या के तात्कालिक निराकरण के लिए मलेनी नदी में ही तीन किलोमीटर दूर बने बड़ावदा नगरपरिषद के नए डैम का पानी उपयोग किया जा सकता है। केवल इसी गर्मी में बड़ावदा डैम का पानी मिल जाएगा तो समस्या हल हो जाएगी। अगले साल से तो जावरा के बैराज का जलस्तर इसलिए भी नहीं घटेगा क्योंकि एक तरफ बड़ावदा नप का डैम भरा रहेगा और दूसरे छोर पर बानीखेड़ी के पास जलसंसाधन विभाग ने एक सिंचाई डैम बनाया है। इसमें इस बारिश का पानी भरने से बैक वाटर मिलेगा। इसका फायदा यह होगा कि जावरा बैराज का जलस्तर बना रहेगा। इसके बावजूद जरूरत लगी तो जावरा बैराज से एक किमी दूर बानीखेडी तरफ नदी में संपवेल बना देंगे और उसमें मोटर डालकर पानी बैराज में डालेंगे। इससे नियमित सप्लाई हो सकेगी। संपवेल निर्माण की अनुमति भी प्रशासन से नपा ने मांगी है।

बड़ावदा नगरपरिषद ने इसी साल करीब 6 करोड़ की लागत से मलेनी नदी पर बैराज, फिल्टर प्लांट व इंटकवेल का निर्माण किया है। बैराज बने सालभर हो गया और इसमें पिछली बारिश का ढाई फीट पानी भरा हुआ है। चूंकि फिल्टर प्लांट का काम बाकी है। कनेक्शन भी जोड़ना है। इसलिए इस साल बड़ावदा नगरपरिषद ने अब तक बैराज के पानी का उपयोग नहीं किया। बड़ावदा नगरपरिषद सीएमओ भारतसिंह परिहार का कहना है हमारे पास पानी सप्लाई के लिए 8 ट्यूबवेल है और इसमें पर्याप्त पानी है। इसलिए यदि इस बार डैम का पानी उपयोग नहीं करते हैं तो भी बड़ावदा में जलसंकट नहीं आएगा। जहां तक जावरा को पानी देने की बात है तो यह निर्णय हम नहीं करेंगे। कलेक्टर से जैसे निर्देश मिलेंगे, पालन करेंगे। इधर जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दे दिए। इसके बाद कलेक्टर ने भी जलसंसाधन विभाग और संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब की है ताकि बड़ावदा डैम से केवल इसी साल जावरा को पानी दिया जा सके। यदि बड़ावदा परिषद ने आपत्ति नहीं ली तो इस बार जावरा को पूरी गर्मी पर्याप्त पानी मिलेगा।