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मार्च अंत से शुरू होगी गेहूं की खरीदी, किसानों के रजिस्ट्रेशन का बारीकी से होगा सत्यापन

किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने गेहूं की खरीदी का समर्थन मूल्य 1625 से बढ़ाकर 1735 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:35 AM IST

किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने गेहूं की खरीदी का समर्थन मूल्य 1625 से बढ़ाकर 1735 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। यानी एक क्विंटल पर 110 रुपए की बढ़ोतरी। कीमतें बढ़ने से जिले के साढ़े 4 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। क्योंकि पिछले साल 4 हजार 444 किसानों ने समर्थन मूल्य पर 29 हजार 128 मीट्रिक टन फसल समर्थन मूल्य पर बेची थी।

समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं की खरीदी के लिए जिले में पंजीयन शुरू हो गए हैं। पंजीयन के लिए 15 फरवरी तक का समय तय किया गया है। इसके बाद किसी के भी पंजीयन नहीं होंगे। गेहूं खरीदी के लिए जिलेभर में 21 केंद्र बने हैं। किसानों को पंजीयन के लिए ऋण-पुस्तिका की फोटो कॉपी, बैंक का खाता नंबर, मोबाइल एवं आधार कार्ड सोसाइटियों पर जाकर जमा करना होगा। इसके बाद उनका पंजीयन होगा। पंजीयन के बाद में हल्का पटवारी, तहसीलदार एवं एसडीएम सत्यापन करेंगे।

सत्यापन में किसानों के खेत में गेहूं की फसल कितने एकड़ में की गई है वह निर्धारित की जाएगी। बता दें कि शासन ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपए प्रति क्विंटिल रखा है। पिछले वर्ष 8 हजार 39 किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 4 हजार 444 किसानों ने 29 हजार 128 मीट्रिक टन फसल समर्थन मूल्य पर बेची थी। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी एमके त्यागी ने बताया समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों के पंजीयन शुरू हो चुके हैं। किसान पंजीयन कराकर अपनी फसल को समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं। वहीं केंद्रों पर पानी, छाया एवं किसानों को बैठने तक की सुविधा की जाएगी।

जिले में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 110 रुपए बढ़े, किसानों को 1735 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे

5 % किसानों के पंजीयन का सत्यापन एसडीएम करेंगे

किसानों के पंजीयन होने के बाद में हल्का पटवारी को शत- प्रतिशत पंजीयनों का सत्यापन करना है। जिसमें पटवारी को किसान के खेत में कितने एकड़ में फसल है। उसकी पूरी जानकारी फार्म में भरकर तैयार करना है। इसके बाद में तहसीलदार सत्यापन में से 10 प्रतिशत किसानों के सत्यापन को दोबारा से करेंगे। वहीं एसडीएम 5 प्रतिशत किसानों के पंजीयन का सत्यापन करेंगे।

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