• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Jhabua News
  • ‘भारत की आत्मा गांव में बसती है, आज वही आत्मा कमजोर होती जा रही है’
--Advertisement--

‘भारत की आत्मा गांव में बसती है, आज वही आत्मा कमजोर होती जा रही है’

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय ईकाई द्वारा पेटलावद के प्रेम सागर पैलेस में किसान...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:50 AM IST
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय ईकाई द्वारा पेटलावद के प्रेम सागर पैलेस में किसान सशक्तिकरण दिव्य महोत्सव सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रभाग की अध्यक्ष राजयोगिनी बीके सरला बहन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीके राजू भाई, मप्र व छत्तीसगढ़ झोन प्रभारी राजयोगिनी बीके आरती दीदी के साथ मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से 200 से अधिक ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों के दल ने भी शिरकत की।

राजयोगिनी सरला बहन ने कहा भारत कृषि प्रधान देश है तथा भारत की आत्मा गांव में बसती है। आज वही आत्मा कमजोर होती जा रही है। वातावरण के असामयिक बदलाव से कृषकों को हर बार आर्थिक और मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए किसानों का आध्यात्मिक सशक्तिकरण की जरूरत है। बीके आरती दीदी (झाबुआ) ने कहा जिला कृषि के क्षेत्र में अग्रणी है, परंतु यहां नशा और धूम्रपान से लोग ग्रसित होते जा रहे हैं ऐसे में किसानों की ज्यादा आय इसमें ही नष्ट हो जाती है। इसलिए इस किसान सशक्तिकरण अभियान के जरिये इन्हें इससे बचाया जा सकता है। इसके लिए ब्रह्माकुमारीज संस्थान की सकारात्मक प्रयास में तेजी लाने की जरूरत है।

कार्यक्रम में विधायक निर्मला भूरिया ने कहा पहली बार देश में ऐसी सरकार आई है जिसने किसानों की सही अर्थों में चिंता की है। किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान करने का काम किया है। केंद्र और राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में नित नए आयाम स्थापित कर रही है। केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की है।

माउंट आबू से आए कृषि व ग्राम विकास के उपाध्यक्ष राजयोगी राजूभाई ने कहा आज के वैचारिक प्रदूषण से भरे वातावरण में भी ग्रामीण जनता विशेषकर किसानों में प्राय: सरलता, प्रेम, आत्मीयता परोपकार वृत्ति के दर्शन होते हैं। गांवों के लोगो में सबसे ज्यादा जरूरत है कि उन्हें सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास से बाहर निकाला जाए। ताकि वे अपनी उर्जा को कृषि और समाज के विकास में लगा सके। हम सब एक परमात्मा की संतानें है। हम सबका आपस में आत्मिक नाता है। अत: हमें हरेक परिस्थितियों में एक दो के सहयोगी बनना चाहिए।

दाहोद से आए राजेश दवे ने कहा सबसे पहले मैं किसान हूं, जिस प्रकार एक अबोध बालक को नशे के अधीन कर दिया जाता है ऐसे ही आज के किसान ने जमीन को यूरिया, फास्फोरस आदि रासायनिक खाद से धरती माता को बंजर कर दिया है। इंदौर से आए रिटायर्ट जज बीड़ी राठीजी ने कहा हम सब परमात्मा के बच्चे है और हमें आपस में छोटों के प्रति स्नेह, बड़ों के प्रति सम्मान और साथियों के प्रति सहयोग की भावना रखनी है। कार्यक्रम को शिवगंगा झाबुआ के संचालक महेश शर्मा, न्यायाधीश वर्ग-1 अनिल कुमार चौहान, नपं अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा, कृषि वैज्ञानिक महेंद्रसिंह भी संबोधित किया। संचालन बीके ज्योति दीदी ने किया। आभार बड़वानी से आए भ्राता प्रवीण भाई ने माना। राज्य गुजरात के गोधरा से बीके सुरेखा दीदी, दाहोद से बीके कपिला बहन, राजेश भाई दत्त, बड़ौदा से बीके धरती बहन, इंदौर से वरिष्ठ बीके सुरेश गुप्ता, नारायण भाई, विशेष रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन में मूकबधिर केंद्र झाबुआ के होनहार प्रतिभाओं ने देशभक्ति के गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी।

पेटलावद. किसान सशक्तिकरण दिव्य महोत्सव सम्मेलन की शुरुआत करते अतिथि।

सुबह निकाली संदेश यात्रा

कार्यक्रम से पहले सुबह 10 बजे रायपुरिया मार्ग स्थित गायत्री शक्तिपीठ से भव्य शिव संदेश कलश यात्रा निकाली गई जिसमें प्राइवेट शैक्षणिक संस्थाओं की छात्राएं कलश लेकर शामिल हुई। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होकर गुजरी। इस मौके पर तहसील पत्रकार संघ, सिर्वी समाज, मुकेश परमार मित्र मंडल, गौतम ग्रुप व साई मित्र मंडल सहित कई ऐसे सामाजिक संगठन है जिन्होंने पुष्पवर्षा व फल बांटकर स्वागत किया। इस ऐतिहासिक किसान सशक्तिकरण दिव्य महोत्सव में क्षेत्रभर के हजारों किसानों ने भाग लिया। योगिक खेती करने के गुर सीखे।