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लोक संस्कृति के पर्व की विदाई, पारा में सुबह से शाम तक रही ‘उत्साह की थिरकन’

जिले का आखिरी भगोरिया हाट पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई और चेनपुरा में भराया जिसमें ग्रामीणों का उत्साह परवान पर रहा।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 03:35 AM IST

लोक संस्कृति के पर्व की विदाई, पारा में सुबह से शाम तक रही ‘उत्साह की थिरकन’
जिले का आखिरी भगोरिया हाट पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई और चेनपुरा में भराया जिसमें ग्रामीणों का उत्साह परवान पर रहा। सुबह से शाम तक ढोल-मांदल की थाप और थाली की खनक पर आदिवासियों की कुर्राटी गूंजती रही। भगोरिया हाट में ग्रामीणों ने जमकर ढोल-मांदल बजाए। ग्रुप बनाकर आदिवासी नृत्य भी कर रहे थे। पान, आईस्क्रीम और कोल्ड्रिंक का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। खरीदारी अच्छी होने से व्यापारियों के चेहरे भी खिल गए। सात दिनी भगोरिया के अंतिम दिन अंचल पूरी तरह उत्सव की खुमारी में डूब गया है।

गुरुवार को पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई व चेनपुरा में लोक संस्कृति अपने पूर्ण रूप में गुलजार हुई। यहां सुबह से शाम तक ढोल-मांदल की थाप और थाली की खनक पर आदिवासियों की कुर्राटी गूंजती रही। पांचों स्थान पर हजारों ग्रामीण शामिल हुए। पूरे दिन उन्होंने मेले का लुत्फ लिया। झाबुआ से 18 किमी दूर स्थित पारा भगोरिया हाट में 50 से अधिक छोटे-बड़े झूले लगे। इनमें बैठकर युवा उमंग ने हवा से बातें की। झूलों की चर्र-चूं की आवाज दिनभर मेले में गूंजती रही। युवक-युवतियों ने एक-दूसरे के साथ खूब हंसी-ठिठोली की। भगोरिया मेले में मौत का कुआं रहा आकर्षण। करतब देखने के लिए ग्रामीणों में जबर्दस्त उत्साह नजर आया। ग्रामीणों की खासी आमद से बाजार गुलजार रहा। मिठाई, नमकीन, पान, रंग, गुलाल की भीड़ उमड़ी। अच्छे कारोबार से व्यापारियों की बांछें भी खिल उठी। मस्ती का दौर शाम ढलने तक जारी रहा। इसके बाद भी ताड़ी की खुमारी में डूबे ग्रामीणों की कुर्राटी के स्वर सुनाई देते रहे। अंतिम भगोरिया हाट के दौरान सारंगी में विशेष सुरक्षा इंतजाम रहे। ग्रामीणों की भारी भीड़ के चलते एसडीओपी आरआर अवास्या, पेटलावद थाना प्रभारी लोकेंद्रसिंह ठाकुर व चौकी प्रभारी श्रद्धासिंह पंवार पूरे समय व्यवस्थाओं में लगे रहे। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।

पारा के भगोरिया हाट में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों ने गेर निकाली। कांग्रेस की गेर में सांसद कांतिलाल भूरिया, जिपं अध्यक्ष कलावती भूरिया, युवा नेता डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक वालसिंह मेड़ा, जेवियर मेड़ा, प्रकाश रांका, युकां लोकसभा अध्यक्ष आशीष भूरिया, रूपसिंह डामोर, कोमलसिंह डामोर, सलेल पठान, रशीद कुरैशी, राकेश कटारा, नीलेश कटारा, केमता डामोर सहित पंच-सरपंच शामिल हुए। सांसद भूरिया ने भी मांदल बजाई। वहीं भाजपा की गेर में विधायक निर्मला भूरिया, जिलाध्यक्ष दौलत भावसार, जनपद सदस्य कुंवर गजेंद्रसिंह राठौर, पारा मंडल अध्यक्ष एवं मंडी डायरेक्टर ओंकारसिंह डामोर, सरदारसिंह डावर, आनंद सरतलिया, राजेश पारगी, अमृत राठौर, सेकू रावत, चेनसिंह बारिया, प्रकाश छाजेड़, कुंजरसिंह रावत सहित कई क्षेत्रीय नेता सम्मिलित हुए।

पारा में झूले का लुत्फ उठाती युवतियां। मेले में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

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