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हाथीपावा में ग्लूकोज का पानी और मक्का रखेंगे

हाथीपावा क्षेत्र में बढ़ती मोरों की तादाद को देखते हुए अब वहां उनके दाने-पानी का इंतजाम किया जा रहा है। मोरों को...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:40 AM IST
हाथीपावा में ग्लूकोज का पानी और मक्का रखेंगे
हाथीपावा क्षेत्र में बढ़ती मोरों की तादाद को देखते हुए अब वहां उनके दाने-पानी का इंतजाम किया जा रहा है। मोरों को हीट स्ट्रोक (लू) से बचाने के लिए ग्लूकोज का पानी रखने के साथ उन्हें मक्का खिलाई जाएगी। इसके लिए पहाड़ी पर अलग-अलग क्षेत्र में छोटे-छोटे कुंड बनवाए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि हाथीपावा की पहाड़ी को पर्यटन क्षेत्र में रूप में विकसित किया जा रहा है। सुबह और शाम के वक्त यहां कई लोग घूमने जाते हैं। पहाड़ी के निचले हिस्से में मोरों की बसाहट और सुबह व शाम के वक्त वे जंगल से निकलकर पहाड़ी पर आ जाते हैं। अभी तक उनके लिए दाने-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। जब एसपी महेशचंद जैन ने यह देखा तो उन्होंने अपने स्तर पर पहाड़ी पर जिन क्षेत्रों में मोर आते हैं वहां कुंड बनवाने का निर्णय ले लिया। इस दिशा में काम शुरू हो गया है। उनके द्वारा रोजाना करीब 2 किलो मक्का का दाना भी डाला जा रहा है। कुंड में पानी भरने के बाद उसमें ग्लूकोज डाला जाएगा। ताकि मोरों को गर्मी से राहत रहे। पौधारोपण स्थल पर तैनात चौकीदार कुंड में नियमित पानी भरेंगे। सुबह के वक्त ही पानी और दाना डाल दिया जाएगा।

पहाड़ी क्षेत्र में बढ़ती मोरों की तादाद को देखते हुए उनके पीने के पानी के लिए बनवाए जा रहे छोटे-छोटे कुंड

हाथीपावा पहाड़ी पर मोरों के पानी के लिए छोटे-छोटे कुंड बनाए जा रहे हैं।

ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पाते मोर : रेंजर

वन विभाग के रेंजर पैट्रिक रावत के अनुसार गर्मी तेजी से बढ़ रही है और तापमान 40 डिग्री के ऊपर चल रहा है। मोर इतनी गर्मी को बमुश्किल सहन कर पाते हैं। कारण यह कि पेड़ भी सूख जाते हैं। लू चलने लगती है। इतनी गर्मी में हीट स्ट्रोक के कारण उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में ग्लूकोज मिला पानी और मक्का मिलेगी तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

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हाथीपावा में ग्लूकोज का पानी और मक्का रखेंगे
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