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ईस्टर संडे पर कैथोलिक चर्च में हुए कई आयोजन, पास्का पर्व भी मनाया

ईसाई समाज ने शनिवार को पास्का पर्व मनाया। रविवार को चर्च परिसर में विशेष आयोजन हुए। लोगों ने एक-दूसरे को ईस्टर की...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:40 AM IST
ईसाई समाज ने शनिवार को पास्का पर्व मनाया। रविवार को चर्च परिसर में विशेष आयोजन हुए। लोगों ने एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएं दी। चालीस दिन की कड़ी तपस्या के बाद प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के दिन ईस्टर रविवार पर ईसाई समुदाय उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। सुबह कैथोलिक चर्च परिसर में विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। इसके बाद समुदाय के सदस्यों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दी। सुबह साढ़े 10 बजे प्रार्थना सभा हुई। बपतिस्मा संस्कार की क्रिया पवित्र जल और तेल से कराई गई। पवित्र बाइबिल से पाठों का वाचन किया। इसके पश्चात समाजजनों को आशीष दिया गया।

शनिवार रात कैथोलिक चर्च में पास्का पर्व मनाया गया। रात 10 बजे से समाजजन चर्च में मोमबत्ती लेकर एकत्रित होने लगे। मुख्य याजक फादर पीटर खराड़ी के नेतृत्व में धर्म विधि की शुरुआत हुई। उनके साथ सह याजक के रूप में फादर पीटर कटारा, फाद स्टीफन वीटी, फादर सोनू वसुनिया, फादर इम्बानाथन व फादर दीपक मौजूद थे। सर्वप्रथम ज्योति की प्रतीक पवित्र मोमबत्ती प्रज्ज्वलित की गई। इसके बाद आशीष देने का क्रम प्रारंभ हुआ। फादर दीपक की अगुवाई में ख्रीस्त की ज्योति को उदघोष के साथ जुलूस वेदी तक ले जाया गया। जहां से उन्होंने ज्योति गुणगान कर लोगों को उस रात की याद दिलाई जिसमें प्रभु के विश्वासियों ने लालसागर पार करते हुए ईश्वर की महती दया का अनुभव किया। पवित्र बाइबिल के पुराने व्यवस्थान में से 7 पाठ पढ़े गए। इसके पश्चात फादर पीटर खराड़ी ने पुनर्जीवित प्रभु यीशु ख्रीस्त की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही महिमा गान से पूरा चर्च परिसर गूंज उठा। महिमा गान के बाद 8वें पाठ और नए व्यवस्थान से लिए गए सुसमाचार का वाचन किया गया। यहां बिशप ने कहा प्रभु ने अपने प्राणों को त्याग कर मानव जाति के लिए मुक्ति का कार्य किया और मनुष्य को पापों से बचाया।

चर्च परिसर में समाजजनों ने हाथ में मोमबत्ती लेकर प्रार्थना की।