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पिता की स्मृति में 15 स्थानों पर लगाई प्याऊ, दोस्तों की मदद से कर रहा पानी की आपूर्ति

अपने पिता की स्मृति में नगर के एक युवा ने प्यासे कंठों को तर करने का बीड़ा उठाया है। उसने 15 जगहों पर मिट्टी की 2-2 नांद...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:40 AM IST
अपने पिता की स्मृति में नगर के एक युवा ने प्यासे कंठों को तर करने का बीड़ा उठाया है। उसने 15 जगहों पर मिट्टी की 2-2 नांद रख दी है। सुबह- शाम जाकर वह इसमें पानी भर रहा है। इस काम में उसकी मदद 3 दोस्त और उसके 3 छोटे भाई कर रहे हैं। युवाओं की इस मानवीय संवेदना से परिपूर्ण पहल की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। नगर की एकता गली में रहने वाले 19वर्षीय हिम्मत ठाकुर के पिता की मृत्यु 2014 में बीमारी के चलते हो गई। उस समय उनकी उम्र 36 वर्ष ही थी। अल्पायु में उनकी मृत्यु ने परिवार को झकझोर दिया था। घर का भार हिम्मत पर आ गया। कुछ दिन पूर्व उसके जेहन में पिता की स्मृति में सेवा कार्य करने का आया। उसने अपने दोस्तों से इस बारे में चर्चा की।तब यह बात सामने आई कि गर्मी के दिनों में बाजार में आने वाले ग्रामीण शीतल पेयजल के लिए इधर उधर भटकते है। तब उसने प्याऊ लगाने का तय किया।

 

शहर के अनेक स्थानों पर 600 रुपए की 30 नांद लगाई, रोज दो बार भर रहे पानी

हिम्मत और साथियों ने मिलकर नगर में 15 ऐसी जगहें चुनी जहां लोगों का आवागमन ज्यादा होता है। मेघनगर से 30 नांद मंगवाई गई। एक नांद की लागत 600 रुपये से ज्यादा आई। जिस जगह नांद रखवाई है इसमें सुभाष चौपाटी, शिवाजी चौक, ऑइल मिल रोड़, सरदार मार्ग, झाबुआ नाका, एरिकेशन कॉलोनी के सामने, आजाद चौक, मंदिर गली चौराहा, पुलिस थाने के सामने, तेजाजी मंदिर, कालिका मंदिर चौराहा आदि शामिल है। हिम्मत के दोस्त व भाई अजय ठाकुर, गोलू पंड्या, श्रवण ठाकुर, नवीन ठाकुर व नरेंद्र ठाकुर इन नांद में रोजाना दिन में दो बार जाकर पानी भर रहे हैं। जहां पास में हैंडपंप है वहां उससे पानी ले रहे हैं। जिस जगह पास में हैंडपंप नहीं है वहां नगर परिषद की पेयजल सप्लाई टंकी से पानी लेकर ठेलागाड़ी में ड्रम लेकर खाली नांद को भर रहे हैं। युवाओं के मानव सेवा कार्य मे दिखाए जा रहे जज्बे, लगन व उत्साह की नगर में खूब चर्चा हो रही है। युवाओं के इस सेवा कार्य को देखकर कई लोगों ने मदद के लिए हाथ भी बढ़ाए हैं।