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उद्योगों के लिए मात्र 855 करोड़ रु. का प्रावधान, उद्योगपतियों में निराशा

बुधवार को घोषित बजट में पश्चिमी मप्र के इस आदिवासी जिले के एक मात्र मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:55 AM IST
बुधवार को घोषित बजट में पश्चिमी मप्र के इस आदिवासी जिले के एक मात्र मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद थी लेकिन वह पूरी नहीं हो पाई। पूरे औद्योगिक जगत के लिए 855 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया जिसे उद्योगपतियों में निराशा है। दरअसल मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र की हालत दिन ब दिन खराब होती जा रही है। सुविधाओं के अभाव में कुछ कारखाने बंद हो चुके हैं तो कुछ बंद होने की कगार पर है। ऐसे में पूरी उम्मीद थी कि सरकार उद्योगों को जिंदा रखने और प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज देगी।

उद्योगपति राजेंद्रसिंह नायक कहते हैं-बजट ने बड़े उद्योगपति के साथ ही छोटे उद्योपतियों को निराश किया है। जितनी रकम उद्योग जगत को दी गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है। सरकार को मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करनी थी क्योंकि हमारा जिला पिछड़ा और मजदूर बहुल है। परंतु इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया गया। यही स्थिति उद्योगों को उपलब्ध कराई जा रही बिजली की है। एक तरफ प्रदेश सरकार दिल्ली मेट्रो के लिए 2.15 रुपए प्रति यूनिट में बिजली उपलब्ध कराती है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के उद्योगों के लिए 6 रुपए प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। ऐसे में स्थानीय उद्योगों का विकास कैसे संभव है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की कोई बात नहीं की गई, जबकि इसे स्थापित करने की बात सरकार ने पिछले बजट में कही थी।

जिले में ऐसा होगा बजट का असर

हेक्टेयर क्षेत्रफल

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जिले की 2706 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को होगा लाभ

बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की बात कही गई है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आरएस जमरा के अनुसार इसका लाभ जिले की 2706 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा। इसके अलावा करीब 4 हजार पेंशनरों की पेंशन में भी 10 प्रतिशत इजाफा हो जाएगा।

बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा

बालिका शिक्षा के मामले में जिला काफी पिछड़ा हुआ है। अब भी यहां कम उम्र में लड़कियों की शादी किए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। चूंकि लड़कियों की शिक्षा के लिए विशेष कोष का प्रावधान किया गया है तो इसका लाभ आदिवासी बच्चियों को मिलेगा। वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगी।

जिला न्यायालय में सीसीटीवी लगने से रखी जा सकेगी नजर

बजट में सभी जिला न्यायालयों में सीसीटीवी लगाने की बात कही गई है। इससे निश्चित तौर पर फायदा होगा। जिला न्यायालय में कोर्ट पेशी के दौरान आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर निगाह रखी जा सकेगी। यदि परिसर में कोई घटना होती है तो उसमें आरोपियों का पता करने में आसानी रहेगी।

दो साल में ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं बना पाया एकेवीएन

उद्योग बंद है वर्तमान में

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केमिकल फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले पदार्थों के निपटान के लिए औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एकेवीएन) पिछले दो सालों से केवल ढिंढोरा ही पीट रहा है। अब तक ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं हो पाया है।

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पेटलावद क्षेत्र में दो नए पुल बनेंगे



नए आवास बनेंगे

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किए जाने की बात कही गई है। इसका लाभ जिले को भी मिलेगा। जो पात्र ग्रामीण वंचित रह गए हैं उनके मकान बन जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेगी

झाबुआ जिला स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में काफी पिछड़ा है। जिस तरह सरकार ने बजट में ग्रामीण क्षेत्र में 10 बिस्तर से अधिक का अस्पताल डालने पर निवेश राशि का 40 फीसदी सब्सिडी के रूप में देने का प्रावधान किया है उससे यहां भी सुविधाएं बढ़ेगी।


इकाइयां चल रही

उद्योग भी दम तोड़ने की कगार पर

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