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गणपति की स्थापना करने दोप. 12 से 3 के बीच शुभ योग

भाद्रपद शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी गुरुवार 13 सितंबर से 11 दिवसीय पर्व गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। भगवान गणेश की पूजन...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:55 AM IST
भाद्रपद शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी गुरुवार 13 सितंबर से 11 दिवसीय पर्व गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। भगवान गणेश की पूजन स्थापना के समय गजकेसरी योग, बुध आदित्य योग और दोपहर के समय 12 से 3 के बीच लाभ अमृत की चौघड़िया रहेंगी। पूजन स्थापना के लिए यह योग अति उत्तम माना जाता है। पंडित हिमांशु शुक्ल ने बताया कि शाम को 4.30 बजे से 6 बजे तक शुभ की चौघड़िया भी स्थापना के लिए शुभ है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को प्रातः काल स्नान से अपनी शक्ति के अनुसार प्रतिमाओं का विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए। इस दिन चतुर्थी तिथि शाम 5 बजकर 40 तक रहेगा। उदयातिथि एवं भद्रा के कारण गोधुली से यह त्यौहार रात्रि में 11.27 तक रहेगा। व्रत सूर्योदय से पूजा तक रहेगा। गणेश पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी दिन समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले, कृपा के सागर तथा भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। मूर्ति स्थापना व पूजा का शुभ समय गोधुली बेला में सायंकाल 5 बजकर 40 मिनट से रात 9 बजे तक शुभ अमृत, चर चौघड़िया, स्थिर लगन कुंभ रात्रि 9.30 से 11.27 स्थिर लगन वृषभ भी रहेगा।

गणेशोत्सव

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आप ऐसे करें मोदक प्रिय गणेश जी का पूजन

गणेश जी को सिंदूर मोदक और दूर्वा अधिक प्रिय हैं। भगवान को 21 दूर्वा अवश्य चढ़ाना चाहिए। 21 लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए। उन लड्डुओं में से पांच लड्डू गणेश जी के पास रखें और 5 लड्डू किसी ब्राह्मण को दान दें। शेष लड्डू प्रसाद के रूप में वितरण करना चाहिए। पूजन में विशेष सिंदूर मगज के लड्डू, तुलसी पत्र, दूर्वा, लाल पुष्प, रक्त चंदन, शमीपत्र रखना चाहिए। पं. शुक्ल ने बताया गणेशजी की स्थापना लाल वस्त्र के ऊपर पूर्व दिशा में करना श्रेष्ठ है।

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