• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Jhabua News
  • Jhabua - झाबुआ तक ट्रेन आने में अभी और करना होगा इंतजार, रेलवे को 6 गांवों की जमीनों को करना है अधिग्रहित
--Advertisement--

झाबुआ तक ट्रेन आने में अभी और करना होगा इंतजार, रेलवे को 6 गांवों की जमीनों को करना है अधिग्रहित

झाबुआ से अलग हुए आलीराजपुर जिले में पहली बार पटरी पर इंजन दौड़ा। आलीराजपुर जिले के लिए ट्रेन आने का इंतजार लगभग...

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 04:00 AM IST
झाबुआ से अलग हुए आलीराजपुर जिले में पहली बार पटरी पर इंजन दौड़ा। आलीराजपुर जिले के लिए ट्रेन आने का इंतजार लगभग खत्म हो गया, लेकिन झाबुआ शहर के लोगों को अब भी रेल के लिए इंतजार करना पड़ेगा। जिले के छह गांवों में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि जिन गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है वहां समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है।

दाहोद-झाबुआ-इंदौर और छोटा उदयपुर-धार दोनों ही रेल परियोजनाओं की घोषणा एक साथ हुई थी। छोटा उदयपुर से आलीराजपुर तक 8 सितंबर को रेलवे ने इंजन चलाकर पटरियों की टेस्टिंग भी कर ली, लेकिन इस अवधि में झाबुआ जिले तक पटरियां ही नहीं बिछ पाई है। अधिकारी शीघ्र ही जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी की बात कह रहे हैं। इससे उम्मीद बंधी है कि झाबुआ जिले में भी शीघ्र ही रेल दस्तक दे देगी। अब तक जिले के पिटाेल से झाबुआ के बीच के 12 गांवों में जमीन अधिग्रहण किया था। वर्तमान में छह गांवाें की जमीनों के अधिग्रहण की भी प्रक्रिया की जा रही है। पश्चिम रेलवे की टीम ने झाबुआ आकर राजस्व अधिकारियों से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद से आगे के छह गांवों की जमीन को अधिग्रहण करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

झाबुआ में भी चलेगी ट्रेन

16 किमी में चल रहा अर्थवर्क, पुलिया निर्माण चालू नहीं

पिटोल में गुजरात-मप्र सीमा है। गुजरात में दाहोद से कतवारा तक रेल लाइन बिछाने का काम हो चुका है। मप्र में पिटोल बार्डर से झाबुआ के बीच 12 गांवों की जमीन अधिग्रहित की है। इनमें 16 किमी तक के हिस्से में अर्थवर्क का काम किया जा रहा है। अब तक पुल- पुलियाओं का निर्माण कार्य झाबुआ जिले में चालू नहीं किया है।

जिले की सीमा तक इन गांवों से भी जाएगी रेल : जिन छह गांवों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, उसके आगे के गांव टोड़ी, देवली, सेमलघाटा, उमरकोट, झिरी, आमलीपाड़ा, महुड़ी, पालेड़ी, साड़, फतेपुरा, केलझर, कागलखो, वागनेरा, दूधी से भी ट्रेन जाएगी।

12 गांवों के किसानों को दे चुके 10.38 करोड़, 42 करोड़ के काम हो चुके टेंडर

पूर्व में पिटोल से झाबुआ के बीच कुल 12 गांवों के 217 किसानों की 59.38 हेक्टेयर निजी जमीन अधिग्रहण के लिए 11 करोड़ 41 लाख 95 हजार 412 रुपए का अवार्ड पारित किया गया था। 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज की राशि 1 करोड़ 3 लाख 81 हजार 401 रुपए को छोड़ कर शेष 10.38 लाख रुपए के करीब मुआवजे के रूप में बांटे हैं। अधिग्रहित जमीन पर निर्माण कार्य के लिए रेलवे ने 42 करोड़ के टेंडर बुलाए थे। वर्कआर्डर भी दिया जा चुका है, जिसके तहत अर्थवर्क चालू हुआ है।

इन गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण : परवट, तलावली, फुटिया, नवागांव, डूंगरालालू और रंगपुरा में जमीन अधिग्रहित होगी। इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।

जहां शिलान्यास हुआ था वहां अब आकार ले चुकी है कॉलोनी : इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का शिलान्यास कार्यक्रम राणापुर रोड पर हरीभाई की बावड़ी के मैदान पर 8 फरवरी 2008 को हुआ था। जिले में अब तक रेल परियोजना तो आकार नहीं ले पाई लेकिन उक्त स्थान पर आज कॉलोनी जरूरी विकसित हो चुकी है।