--Advertisement--

प्लास्टर कटवाने पत्नी को गोद में उठा कर 40 सीढ़ियां चढ़ा पति

स्ट्रेचर न मिलने की वजह से इस तरह गोद में उठाकर ले जाना पड़ा मरीज को।

Dainik Bhaskar

Jul 03, 2018, 11:19 AM IST
Positive Story of Husband

झाबुआ(एमपी)। दिलीप चौहान पत्नी अंतरबाई के पैर में चढ़ा प्लास्टर कटवाने सोमवार को जिला अस्पताल आया था। रविवार से ही कलेक्टर आशीष सक्सेना के आदेश पर अस्पताल में सामने के दो गेट बंद कर पीछे के रास्ते से प्रवेश रखा गया है। गांव से जिस जीप में बैठा कर महिला को दिलीप लाया था, उसे पीछे के रास्ते से भी अंदर नहीं जाने दिया। दिलीप यहां पत्नी को लेकर उतरा लेकिन सामने गेट बंद था। ट्रामा सेंटर पहुंचा। यहां गेट खुला था लेकिन स्ट्रेचर नहीं था। पत्नी को दिलीप ने गोद में उठाया और दो चढ़ाव की 40 सीढ़ियां चढ़ा। यहां प्लास्टर कटवाया।

अफसर बोले-नई व्यवस्था की शुरुआत में कुछ दिक्कतें आती हैं

पुरानी व्यवस्था से दिलीप मेन गेट पर आता तो वहीं स्ट्रेचर मिल जाता, जिस पर वह अंतरबाई को रैंप से ऊपर ले जाता। नई व्यवस्था की शुरुआत में कुछ दिक्कतें आती हैं। पार्किंग स्टैंड पर ही स्ट्रेचर रखवा देते हैं, ताकि मरीज को परिजन आसानी से अस्पताल तक ले जा सके। डॉ. आरएस प्रभाकर, सिविल सर्जन जिला अस्पताल झाबुआ

पत्नी ने पैर को नीचे टकराने से बचाने के लिए पकड़ कर रखा गमछा
चढ़ाव चढ़ते वक्त पैर नीचे टकराए नहीं, इसके लिए दिलीप ने अपने गमछे का फंदा बना कर पत्नी के पैर में बांध दिया। अंतरबाई ने गमछे को खींच कर पकड़े रखा।

मेन गेट को छोड़ कर सब जगह ताले लगवा दिए
कलेक्टर के आदेश पर मेन गेट पर ताला रविवार से लगा है। सोमवार को मेन गेट और ट्रामा सेंटर के गेट को छोड़ कर अस्पताल भवन में जाने के सभी गेटों पर ताले लगवा दिए। गेट पर खड़े गार्ड पार्किंग के आगे वाहन नहीं जाने दे रहे थे। पार्किंग से मेन गेट 100 मीटर तो ट्रामा सेंटर का गेट 50 मीटर दूर है। यहां तक मरीजों को ले जाने के लिए पार्किंग में कोई स्ट्रेचर नहीं रखा गया है।

X
Positive Story of Husband
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..