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सभी डीडीओ 30 तारीख तक वेतन देयक कोषालय में प्रस्तुत करें

सभी डीडीओ 30 तारीख तक वेतन देयक कोषालय में प्रस्तुत करें झाबुआ | कलेक्टर आशीष सक्सेना ने विभागो के आहरण एवं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 11, 2018, 02:45 AM IST

सभी डीडीओ 30 तारीख तक वेतन देयक कोषालय में प्रस्तुत करें
सभी डीडीओ 30 तारीख तक वेतन देयक कोषालय में प्रस्तुत करें

झाबुआ | कलेक्टर आशीष सक्सेना ने विभागो के आहरण एवं संवितरण अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि शासकीय सेवकों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर एवं संातवे वेतनमान एरियर की प्रथम किश्त के देयक तैयार करने की सुविधा वर्तमान में आईएफएमआईएस में उपलब्ध है। आहरण एवं संवितरण अधिकारी अधीनस्थ समस्त षासकीय सेवकों के 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर एवं सांतवे वेतनमान एरियर के प्रथम किश्त जिन शासकीय सेवकों का वेतन निर्धारण अनुमोदन हो चुका है, उनके देयक तत्काल कोषालय/उपकोषालय में प्रस्तुत करें। समयसीमा मे वेतन देयक प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधित पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

झाबुआ जिले में 65 माकफेड समृद्धि केंद्र स्थापित होंगे

झाबुआ | राज्य विपणन संघ मर्या. मार्कफेड द्वारा शिक्षित बेरोजगारों को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झाबुआ जिले में लगभग 65 मार्कफेड समृद्धि खाद विक्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जिले के बीएससी (एग्रीकल्चर) एव बीएससी (केमेस्ट्री) के बेरोजगार युवाओं का चयन किया जाना है। समृद्धि खाद विक्रय केंद्र स्थापित किए जाने के लिए कार्यशील एवं स्थिर पूंजी की आवश्यकता के पूर्व पात्र हितग्राही को बैंकों से ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जाएगी। जिले के ऐसे शिक्षित बेरोजगार जो स्वयं का व्यवसाय करना चाहते हैं एवं जिन्होंने स्नातक की उपाधि कृषि अथवा रसायन शास्त्र में प्राप्त की है, समृद्धि खाद विक्रय केंद्र की स्थापना के लिए मप्र राज्य विपणन संघ मर्या. (मार्कफेड) कार्यालय या जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र झाबुआ से संपर्क कर आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। जिले के पास मुख्य बाजार में उर्वरक विक्रय के लिए पक्की दुकान/गोदाम उपलब्ध हो एवं उर्वरक विक्रय की प्रचुर संभावना हो, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

सीपीसीटी में हिंदी टाइपिंग अनिवार्य

झाबुआ | राज्य शासन के विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में विभिन्न पदों पर संविदा व नियमित नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दक्षता के लिए कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण के संबंध में नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अंग्रेजी टाइपिंग की न्यूनतम गति 30 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपिंग की गति 20 शब्द प्रति मिनट निर्धारित की गई है। सहायक ग्रेड-तीन अथवा समकक्ष पदों के लिए सीपीसीटी में हिंदी टाइपिंग को अनिवार्य किया गया है, अंग्रेजी को नहीं। सहायक ग्रेड-तीन अथवा समकक्ष पदों के लिए सीपीसीटी परीक्षा में कोई अभ्यर्थी अंग्रेजी टाइपिंग में उत्तीर्ण नहीं होता है, तो वह सहायक ग्रेड-तीन एवं अन्य समकक्ष पदों के लिए अमान्य नहीं होगा। ऐसी स्थिति में यदि अंग्रेजी टाइपिंग में उत्तीर्ण है, तो इसे अतिरिक्त योग्यता माना जाएगा। वहीं किसी पद के लिए अंग्रेजी टाइपिंग आवश्यक है, तो केवल उस पद के लिए अंग्रेजी टाइपिंग अनिवार्य होगी।

रैली व परिवार विकास मेला आज

झाबुआ | 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाएगा। नागरिकों को सीमित परिवार के फायदे समझाने और परिवार नियोजन की सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए 24 जुलाई तक जागरूकता पखवाड़ा मनाया जाएगा। पखवाडे के दौरान विभिन्न स्तरों पर परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं सुलभ करवाई जाएंगी। 11 जुलाई सुबह 11 बजे से जनजागरुकता रैली का आयोजन किया जाएगा। जिला अस्पताल में परिवार विकास मेला लगेगा।

नाबालिग किशोरी का अपहरण, एक महीने बाद भी नहीं मिली तो शिकायत

झाबुआ | गोपालपुरा गांव के याकूब भूरिया व उसके परिजन ने मंगलवार को एसपी महेशचंद्र को नाबालिग बेटी काे तलाशने के लिए ज्ञापन दिया। याकूब ने बताया गांव के पास नवापाड़ा में पेयजल टंकी बनाने का काम चल रहा था। यहां उप्र का ठेकेदार वहीं के कारीगर लाया था। उनमें से एक लल्लू नाम का कारीगर एक महीने पहले मेरी बेटी को भगा कर ले गया। तब कल्याणपुरा थाने पर सूचना दी थी लेकिन एक महीने में पुलिस मेरी बेटी का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रजापत मोहल्ले में 15 साल से खाली पड़े जर्जर मकान से हादसे का अंदेशा

करवड़ | गांव के प्रजापत मोहल्ले का एक मकान लंबे समय से जर्जर हो रहा है। हालत यह है कि बारिश में इससे हादसे का अंदेशा बना हुआ है। दरअसल, यह मकान स्व. किशोर पंडित का है। उनका परिवार करीब 15 वर्षों से इसे छोड़कर अन्यत्र चला गया है। यहां कोई नहीं रहता। 15 सालों से यहां कोई नहीं रहा है। किशोर पंडित के छोटे भाई रतलाम रहते हैं। करीब तीन साल से इस मकान की हालत ज्यादा खराब है। आलम यह है कि यह मकान कभी भी गिर सकती है। इस मकान के आगे से ग्रामीणों को आना-जाना लगा रहता है। इससे कुछ दूरी पर एक स्कूल भी है जहां जाने के लिए बच्चे भी यहां से गुजरते हैं। अगर मकान गिरता है तो बड़ा हादसा होने की संभावना है। आसपास रहने वाले लोगों ने इसकी सूचना कई बार परिवार के सदस्यों को दी लेकिन वे सुध नहीं ले रहे। ग्रामीण अब इसकी शिकायत पंचायत से करने का मन बना रहे हैं, ताकि हादसे से बचा जा सके।

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