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आराधना कर बच्चों को दी मंत्र दीक्षा, महिलाओं ने सुनाया नमस्कार महामंत्र

जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज ने 259वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर धर्म आराधना कर व ज्ञानशाला के बच्चों को मंत्र...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 29, 2018, 02:50 AM IST

आराधना कर बच्चों को दी मंत्र दीक्षा, महिलाओं ने सुनाया नमस्कार महामंत्र
जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज ने 259वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर धर्म आराधना कर व ज्ञानशाला के बच्चों को मंत्र दीक्षा दी गई। रात 7 से 8 बजे तक प्रतिक्रमण के बाद स्थानीय लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित तेरापंथ सभा भवन में तेरापंथ स्थापना दिवस पर समाजजन ने धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत महिला मंडल से सोनिया कोठारी, किरण चौधरी ने गीतिका प्रस्तुत कर की। इसके बाद तेरापंथ समाज अध्यक्ष पंकज कोठारी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आचार्य भिक्षु ने आज से 259 वर्ष पूर्व केलवा की अंधेरी ओरी की पावन धरा पर भगवान महावीर की आगम वाणी को साक्षी मानकर तेरापंथ धर्मसंघ की स्थापना की। स्थापना के साथ ही भगवान महावीर को समर्पित भाव से वंदन करते हुए कहा है प्रभो यह तेरापंथ मैं तो इसका पथिक मात्र हूं। उसी पथ का पूर्ण निष्ठा से अनुसरण करने वाले हम आचार्य भिक्षु के अनुयायी तेरापंथी हैं। आचार्य भिक्षु के बताए मार्ग पर चलकर हम भीतर की चेतना को जागृत करें। आगम वाणी का हम श्रवण करें, यही ही वाणी हमारी आत्मा की खुराक है। अंधेरी औरी की आषाढ़ी पूनम की संध्या से लेकर सुबह तक के ऐतिहासिक घटनाक्रम को उपासक पंकज कोठारी ने रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।

वरिष्ठ श्रावक मगनलाल गादिया ने भी आचार्य भिक्षु के जीवन दृष्टांत पर विचार व्यक्त करते हुए कहा आचार्य भिक्षु 18वीं सदी के प्रखर जैनाचार्य हुए हैं। सुश्रावक ने बताया उस दौरान जोधपुर के दीवान फतहमल सिंघी गुजर रहे थे। उन्होंने 13 श्रावक व 13 साधु के योग को देखकर उन्हें तेरापंथी कहकर पुकारा। इस पर भीखणजी ने तुरंत इस नामकरण को स्वीकार किया। कहा है प्रभु यह तेरापंथ है। इसमें मेरा कुछ नहीं है। हम सब निभांत होकर इस पंथ पर चलने वाली है, अतः हम तेरापंथी है। कार्यक्रम में ज्ञानशाला के बच्चों ने सुंदर संघ गान गीत की प्रस्तुति दी।

महिला मंडल द्वारा नमस्कार महामंत्र को लयबद्ध तरीके से प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के बाद तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष विपिन भंडारी व सचिव वैभव कोठारी द्वारा ज्ञानशाला को मंत्र दीक्षा देकर संकल्प कराए गए। विशेष रूप से बच्चों को मांस, मटन आदि नहीं खाने का संकल्प कराया। साथ ही किसी भी प्रकार का नशा नहीं करने के लिए भी संकल्पित किया। बच्चों ने भी सभी संकल्प के लिए अपनी सहमति दी। अंत में तेरापंथ समाज के सचिव पीयूष गादिया अपनी प्रस्तुति दी।

झाबुआ. कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देती समाज की महिलाएं।

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