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महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला मिर्च पावडर, घटना के 12 दिन बाद सामने आया मामला

पुलिस बोली-जिस जमीन का विवाद वह आरोपी पक्ष के नाम, महिला के आरोप पर संदेह भास्कर संवाददाता | झाबुआ जिला अस्पताल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 06, 2018, 03:00 AM IST

पुलिस बोली-जिस जमीन का विवाद वह आरोपी पक्ष के नाम, महिला के आरोप पर संदेह

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

जिला अस्पताल में बुधवार को भर्ती हुई एक महिला ने गुरुवार को आरोप लगाया कि 22 जून को एक विवाद के दौरान आरोपी पक्ष की एक महिला ने उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्च पावडर डाल दिया। महिला रायपुरिया थाना क्षेत्र के मातापाड़ा की है। उसने 12 दिन बाद आरोप लगाने के पीछे कारण बताया कि लज्जा के कारण अब तक नहीं बताया। पुलिस ने घटना वाले दिन साधारण धाराओं में मारपीट का प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस का शिकायत संदेहास्पद लग रही है।

महिला की शादी रायपुरिया में हुई थी। उसकी चार बेटियां हैं। चारों बेटियां रायपुरिया में सास के पास रहती हैं। महिला मायके मातापाड़ा में रह कर पिता की खेती में मदद करती है। महिला ने आरोप लगाया कि पिता के भाई व लड़के हमारे हिस्से की छह बीघा जमीन भी हथियाना चाहते हैं। महिला ने बताया कि जब 22 जून को अपनी मां के साथ खेत पर काम कर रही थी। तभी पिता के भाई, लड़के व उनके घर की महिलाएं आईं और मारपीट करने लगे। मुझे कहने लगे कि तू तेरे घर क्यों नहीं जाती, हमारी जमीन पर क्यो पड़ी है। दोनों हाथ-पैर पकड़ कर मारा और काका के लड़के की प|ी ने प्राइवेट पार्ट में मिर्च पावडर डाल दिया। महिला ने आरोप लगाया कि थाने पर ही मां ने धाेकर मिर्च पावडर साफ किया लेकिन पुलिस ने एफआईआर में यह बात नहीं लिखी। रायपुरिया अस्पताल ले गए। वहां से अगले दिन पेटलावद अस्पताल भेजा। दोनों जगह लज्जा के कारण मैंने नहीं बताया कि मिर्च पावडर डाला है। तीन चार दिन पहले पेटलावद अस्पताल से घर चले गए लेकिन मिर्च के कारण हो रही जलन कम नहीं होने से बुधवार को फिर पेटलावद गए। यहां डॉक्टर को पावडर डालने की बात कही तो झाबुआ अस्पताल भेज दिया।

यदि प्राइवेट पार्ट में मिर्च पावडर डाला तो महिला को बताना था। महिला डॉक्टर ने एमएलसी की है। थाने पर मिर्च पावडर धुलाने का आरोप गलत है। जिस जमीन का विवाद चल रहा है, वह रिकॉर्ड में आरोपी पक्ष के नाम है। अस्पताल से घर जाने के बाद वापस अस्पताल भर्ती होने के बाद इतने दिन बाद आरोप लगाया है, इससे मामला संदेहास्पद लग रहा है। वैसे वापस जांच करवा कर आरोपों की सत्यता पता करेंगे। एश्वर्य शास्त्री, एसडीओपी पेटलावद

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