--Advertisement--

60% से ज्यादा अंक, मिलेगी परफॉर्मेंस ग्रांट

14वें वित्त आयोग के तहत नगरीय निकायों को परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने योजना साल 2017-18 से 2019-20 तक प्रभावशील रहेगी।...

Dainik Bhaskar

Jul 01, 2018, 03:00 AM IST
14वें वित्त आयोग के तहत नगरीय निकायों को परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने योजना साल 2017-18 से 2019-20 तक प्रभावशील रहेगी। उक्त ग्रांट को पाने के लिए नगर पालिका को स्व-मूल्यांकन करके देना होगा। निर्धारित 120 अंकों में से 60 से अधिक आने पर ही ग्रांट मिलेगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने इस संबंध में सभी निकायों को 20 जून को आदेश जारी कर दिए हैं। निकायों को निर्धारित प्रारूप पर 16 अगस्त 2018 तक स्वयं मूल्यांकन कर रिपोर्ट शासन को सुपुर्द करना होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा संबंधित निकायों को परफार्मेंस ग्रांट जारी की जाएगी। 14वें वित्त आयोग के तहत परफार्मेंंस ग्रांट प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रपत्र में दावे समय सीमा में प्रस्तुत करने की पूरी जवाबदेही नगर पालिका सीएमओ की रहेगी। 14वें वित्त आयोग के तहत दिए जाने वाले अनुदान को नगरीय निकायों द्वारा मूलभूत सेवाओं जिनमें पानी सप्लाई, स्वच्छता, सीवेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक परिसंपत्तियों का संधारण, सड़कों व फुटपाथ का संधारण, स्ट्रीट लाईट, श्मशान आदि पर खर्च किया जाएगा। नगर पालिका झाबुआ में वर्तमान हालातों को देखते हुए परफार्मेंस ग्रांट के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ सकती है।

नगरीय निकायों को प्रारूप पर 16 अगस्त 2018 तक स्वयं मूल्यांकन कर शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट

निकायों के लिए इस तरह तय किए हैं अंक

Á नगर पालिका द्वारा ऑडिट रिपोर्ट अपनी नगरीय निकाय की वेबसाइट पर अपलोड होने पर 10 अंक मिलेंगे।

Á निकाय के स्वयं के राजस्व (कर व करेत्तर) में वृद्धि पर (साल 2016-17 में साल 2015-16 की तुलना में) 40 अंक हैं। जिसमें पहला नपा की (स्थापना वेतन व संधारण, संचालन खर्च) की स्थिति में 50 से 70 फीसदी से ऊपर होने पर 10 से 20 अंक और निकाय के कुल व्यय से पूंजीगत खर्च का प्रतिशत (अमृत शहरों के लिए 10 प्रतिशत व अन्य के लिए 10 प्रतिशत) होने पर (10 अंक)

ग्रांट लेने की समय सीमा निर्धारित

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

14वें वित्त आयोग के तहत नगरीय निकायों को परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने योजना साल 2017-18 से 2019-20 तक प्रभावशील रहेगी। उक्त ग्रांट को पाने के लिए नगर पालिका को स्व-मूल्यांकन करके देना होगा। निर्धारित 120 अंकों में से 60 से अधिक आने पर ही ग्रांट मिलेगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने इस संबंध में सभी निकायों को 20 जून को आदेश जारी कर दिए हैं। निकायों को निर्धारित प्रारूप पर 16 अगस्त 2018 तक स्वयं मूल्यांकन कर रिपोर्ट शासन को सुपुर्द करना होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा संबंधित निकायों को परफार्मेंस ग्रांट जारी की जाएगी। 14वें वित्त आयोग के तहत परफार्मेंंस ग्रांट प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रपत्र में दावे समय सीमा में प्रस्तुत करने की पूरी जवाबदेही नगर पालिका सीएमओ की रहेगी। 14वें वित्त आयोग के तहत दिए जाने वाले अनुदान को नगरीय निकायों द्वारा मूलभूत सेवाओं जिनमें पानी सप्लाई, स्वच्छता, सीवेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक परिसंपत्तियों का संधारण, सड़कों व फुटपाथ का संधारण, स्ट्रीट लाईट, श्मशान आदि पर खर्च किया जाएगा। नगर पालिका झाबुआ में वर्तमान हालातों को देखते हुए परफार्मेंस ग्रांट के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ सकती है।

नगर पालिका व नगर परिषदों को नगरीय प्रशासन विकास संचालनालय को 16 अगस्त तक दावे प्रस्तुत करना है। संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा नगर पालिका व नगर परिषद के दावों को परीक्षण के बाद अपनी अनुशंसा सहित संचालनालय को प्रस्तुत करने की तारीख 30 अगस्त रखी है। इसके बाद संयुक्त संचालक (वित्त) द्वारा दावों का परीक्षण कर भारत सरकार को परफार्मेंस ग्रांट जारी करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। समय पर दावे नहीं करने पर उन दावों पर विचार नहीं होगा।

Á सर्विस लेव बेंचमार्क का प्रकाशन पर कुल 70 अंक है। साल 2018-19 के लिए निकाय द्वारा आधारभूत सेवाएं प्रदान करने के लिए सर्विस लेवल बेंचमार्क का प्रकाश कर वेबसाइट पर उपलब्ध कराना होगा। जिसके तहत जल प्रदाय अनुपात 70 फीसदी से अधिक होने पर 15 अंक।

Á नॉन रेवेन्यु वाटर 40 फीसदी से अधिक होने पर 15 अंक।

Á सार्वजनिक सामुदायिक शौचालयों के लिए जल प्रदाय 100 प्रतिशत होने पर 10 अंक और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट प्रबंधन 20 फीसदी से अधिक होने पर अधिकतम 10 अंक शामिल हैं।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..