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सरपंच और सचिवों ने ओडीएफ का वादा नहीं किया पूरा, अब रोज बनाने होंगे 487 शौचालय

अब तक 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिवों को नोटिस भास्कर संवाददाता | झाबुआ झाबुआ जिला ओडीएफ (खुले में शौच से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 24, 2018, 03:00 AM IST

सरपंच और सचिवों ने ओडीएफ का वादा नहीं किया पूरा, अब रोज बनाने होंगे 487 शौचालय
अब तक 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिवों को नोटिस

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

झाबुआ जिला ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) 10 मई तक घोषित होना था। सरपंच-सचिवों ने कलेक्टर और प्रशासन से इसका वादा भी किया था लेकिन अभी तक 19 हजार शौचालय नहीं बन पाए। लक्ष्य हासिल करने के लिए इंदौर कमिश्नर ने 31 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। यह लक्ष्य हासिल करने के लिए जिले में रोजाना 487 शौचालय बनाने होंगे।

अब तक 1 लाख 58 हजार शौचालय बने हैं, जबकि ओडीएफ घोषित करने के लिए 19 हजार शौचालय बनाने अभी शेष हैं। 31 अगस्त में 39 दिन शेष हैं। ऐसे में हर दिन 487 शौचालय बनाए जाएंगे तो ही लक्ष्य हासिल होगा। कठिन चुनौती देखते हुए कलेक्टर आशीष सक्सेना रोजाना सुबह खुद गांवों की टोह लेने निकल रहे हैं। हाथोहाथ सरपंचों को धारा 40 के और सचिवों को सेवा समाप्ति की चेतावनी के नोटिस दे रहे हैं। अब तक 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिवों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कलेक्टर व जिला पंचायत ग्राम पंचायतों को 30 जुलाई तक ही काम पूरा करने की चेतावनी दे रहे हैं।

निर्माण कार्य देखने कलेक्टर व जिपं सीईओ राणापुर ब्लॉक पहुंचे

कलेक्टर सोमवार को जिपं सीईओ जमुना भिड़े व पूरी टीम के साथ राणापुर ब्लाॅक के ग्राम कालापान, दौतड, रेतालुंजा, कुंदनपुर, नांगनखेड़ी में भ्रमण पर थे। पांचाें ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में देरी के कारण सरपंच को 30 जुलाई तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने पर धारा 40 में पद से हटाने और सचिवों को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण सेवा समाप्ति के नोटिस दिए। कुंदनपुर के सचिव ने शपथ पत्र दिया था कि मुख्यालय पर रहेंगे लेकिन इसके बाद भी राणापुर से आवागमन कर रहे हैं। झूठा शपथ पत्र देने के चलते कलेक्टर ने सचिव पर एफआईआर करवाने के निर्देश राणापुर जनपद सीईओ को दिए।

शौचालय निर्माण से जुड़े कर्मचारियों पर भी गाज

कालापान में शौचालय निर्माण कार्य में रुचि नहीं लेने पर संबंधित उपयंत्री महेश कदम, पीसीओ भुवानसिंह को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। ग्राम नांगनखेड़ी में आंगनवाड़ी की व्यवस्थाएं सुचारू नहीं मिलने पर सुपरवाइजर एवं सीडीपीओ को नोटिस दिया गया। ग्राम दौतड़ में पेयजल की समस्या को देखते हुए नलजल योजना के तहत टंकी निर्माण का कार्य तत्काल प्रारंभ करवाने के लिए ईई पीएचई विभाग को समक्ष में निर्देशित किया।

ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक के लिए शिक्षक व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी

पूरे अगस्त महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण चलेगा। केंद्र सरकार की एजेंसी जिले के कोई भी 10 गांव चुन कर सर्वेक्षण करेगी। ऐसे में अच्छी रैंकिंग के लिए हर गांव में स्वच्छता लाना होगी। सर्वेक्षण में गांवों के स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वच्छता मुख्य है। इसके चलते सात दिन के भीतर शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठकें ली जाएंगी। स्कूलों में डस्टबिन रखने, उनका उपयोग करना बच्चों को सिखाने पर जोर रहेगा। प्रार्थना के समय में रोजाना बच्चों को स्वच्छता की सीख देना अनिवार्य किया जाएगा। हाट बाजार के बाद सफाई, कचरा डस्टबिन में डालने और उसका निपटान करने की सीख देने के लिए सरपंच, सचिवों की बैठक के अलावा बाजार में नुक्कड़ नाटक करवाए जाएंगे।

दो विकासखंड आगे, चार में पिछड़े

जिले के छह में से दो विकासखंड थांदला और मेघनगर शौचालय निर्माण की प्रगति में आगे हैं। झाबुआ, पेटलावद, राणापुर और रामा में प्रगति धीमी है। कलेक्टर इन्हीं चार विकासखंडों के गांवों में जहां सबसे कम प्रगति है, उन्हीं को टारगेट कर इन्हीं गांवों में पूरी टीम के साथ पहुंच रहे हैं।

जिम्मेदार बोले

हितग्राही के खाते में पैसा सीधे जाने की समस्या बताई थी, वह दूर कर दी। अब भी जो ग्राम पंचायत काम नहीं करना चाह रही,उन्हीं पर कार्रवाई कर रहे हैं। 10 मई तक सभी सचिवों ने पूरे शौचालय निर्माण का वादा किया था लेकिन काम नहीं किया। हम तो काम चाहते हैं। किसी को परेशान नहीं कर रहे हैं। काम पूरा हो जाएगा तो कोई कार्रवाई नहीं होगी। आशीष सक्सेना, कलेक्टर झाबुआ

पहले हितग्राही के खाते में पैसा जा रहा था, जिससे पैसा मिलने के बाद काम न हो तो कुछ नहीं कर पा रहे थे। अब ग्राम पंचायत एजेंसी है, ऐसे में सख्ती दिखा कर काम करवा लेंगे। मिस्त्री भी कम थे। अब 300 से ज्यादा मिस्त्री हैं। तय समयावधि में शौचालय बनवा लिए जाएंगे। जमुना भिड़े, सीईओ जिला पंचायत

हितग्राही के बजाय ग्राम पंचायत के खाते में राशि डालने की व्यवस्था हालही में की गई है, जिसके बाद तेजी से काम हो रहा है। जिले को ओडीएफ घोषित करने में हम भी पूरी मेहनत कर रहे हैं लेकिन नोटिस के साथ धमकी देने का काम प्रशासन बंद करे। अन्यथा पूरे जिले के सचिव विरोध में एकजुट होंगे। रामसिंह बिलवाल, अध्यक्ष पंचायत सचिव संगठन

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