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10 बार आवेदन देने के बाद भी समस्या हल नहीं हुई तो जहर लेकर जनसुनवाई में पहुंचा युवक

जनसुनवाई में पहुंचे नारायण सेन से जहर की बोतल छीनते कलेक्टर। जानिए कब-कब दिए आवेदन नारायण ने जनसुनवाई में 10...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 25, 2018, 03:05 AM IST

10 बार आवेदन देने के बाद भी समस्या हल नहीं हुई तो जहर लेकर जनसुनवाई में पहुंचा युवक
जनसुनवाई में पहुंचे नारायण सेन से जहर की बोतल छीनते कलेक्टर।

जानिए कब-कब दिए आवेदन

नारायण ने जनसुनवाई में 10 मई 2016, 7 जून 2016, 28 फरवरी 2017, 2 मई 2017, 25 अप्रैल 2017, 30 मई 2017, 5 जून 2017, 11 जुलाई 2017, 26 सितंबर 2017 और 26 जून 18 को आवेदन किया। 10 जुलाई 2018 को सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की लेकिन बिना निराकरण के ही शिकायत बंद कर दी गई। बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का हल नहीं हो रहा था तो नारायण मंगलवार को जहर की शीशी लेकर पहुंच गया।

तत्काल निराकरण संभव नहीं

आवेदक के पक्ष में आदेश कर रास्ता खुलवाया गया था लेकिन इनका आपस का विवाद है, जिसके कारण फिर समस्या आई है। एसडीएम को निराकरण के लिए कहा है। ऐसा नहीं है कि जनसुनवाई में समस्याओं का निराकरण कम हो रहा है। ऐसे प्रकरण जिनमें सड़क, हैंडपंप, प्रधानमंत्री आवास जैसी मांगें होती हैं, उनका तत्काल निराकरण संभव नहीं होता, वे ही लंबित रहते हैं। आशीष सक्सेना, कलेक्टर झाबुआ

सीएम हेल्पलाइन : दावा 1638 शिकायतों के निराकरण का

सीएम हेल्पलाइन के भी निराकरण भी सवालों के घेरे में है। जिले में 2018 में अब तक 3535 शिकायतें हुईं। इनमें से 909 शिकायतों को निराकरण योग्य नहीं माना गया। दावा किया गया है कि शेष में से 1638 का निराकरण किया है। 406 का आंशिक निराकरण किया है। 582 के लिए कार्रवाई जारी है।

भास्कर तत्काल

कैसे हिम्मत रखेगा आवेदक, हर 100 में से 89 आवेदनों का नहीं हो रहा निराकरण

झाबुआ |
जहर लेकर आए आवेदक को कलेक्टर आशीष सक्सेना ने हिम्मत रखने की सलाह दी। पिछले चार महीने के जनसुनवाई के आवेदनों के आंकड़े देखे जाएं तो सवाल यह उठता है कि आवश्यकता आवेदक को हिम्मत रखने की सलाह देने की है या अधिकारियों को तत्काल निराकरण करने की चेतावनी देने की। दरअसल पिछले चार महीने में हर 100 में से 89 आवेदनों का निराकरण नहीं हो रहा। 100 में से केवल 11 आवेदन निराकृत हो रहे हैं। पिछले चार महीने में अप्रैल से लगाकर जुलाई तक कुल 1489 आवेदन जनसुनवाई में आए हैं। इनमें से 159 का ही निराकरण हो पाया है। निराकरण नहीं होने के कारण ही आवेदक एक ही समस्या के लिए बार-बार आवेदन लेकर जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं। नारायण जैसे अन्य आवेदक भी जनसुनवाई में बार-बार चक्कर खा रहे हैं।

जनसुनवाई में अब तक आए आवेदन व उनका निराकरण

माह आवेदन निराकरण

अप्रैल 345 37

मई 337 17

जून 427 18

जुलाई 380 87 (23 तक)

कुल 1489 159

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