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क्लीनिक किया सील...पर पास की गली के अवैध दवाखाने देखने नहीं गए सीएमएचओ

न्यू टीचर्स कॉलोनी में एक फर्जी डॉक्टर से इलाज कराने के बाद मोहनपुरा गांव के गब्बू पिता मंगा वसुनिया (50) की थांदला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 28, 2018, 03:05 AM IST

क्लीनिक किया सील...पर पास की गली के अवैध दवाखाने देखने नहीं गए सीएमएचओ
न्यू टीचर्स कॉलोनी में एक फर्जी डॉक्टर से इलाज कराने के बाद मोहनपुरा गांव के गब्बू पिता मंगा वसुनिया (50) की थांदला गेट पर मौत हो गई। परिजन आक्रोशित हो गए और इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टर कमलेश कालानी के क्लीनिक पर पहुंचे। उनके पहुंचने के पहले ही क्लीनिक पर ताला लगा कर फर्जी डॉक्टर भाग निकला। हंगामा होता देख सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान पहुंचे। फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक तो सील किया लेकिन पास की ही गली में उसी दौरान चल रहे अवैध दवाखानों की जांच करने के लिए नहीं पहुंचे। सील करने की कार्रवाई के बाद लौट गए।

मोहनपुरा के गब्बू को मंगलवार को बुखार आया। हाथ-पैर दर्द हो रहे थे और उल्टियां भी हुईं। प|ी केशरीबाई के साथ गब्बू गांव से झाबुआ आया। यहां फर्जी डॉक्टर कालानी के क्लीनिक पर दो इंजेक्शन लगाकर दवाएं दी गई और 170 रुपए केशरीबाई से लिए। केशरीबाई को बैंक से पैसे निकालने थे। गब्बू ने कहा-तू बैंक से पैसा निकाल ले। मैं यहीं बैठा हूं। पानी आएगा तो थांदला गेट चला जाऊंगा। केशरीबाई लौटी तो क्लीनिक पर गब्बू नहीं मिला। थांदला गेट पहुंची तो पुराने शासकीय पुस्तकालय के दरवाजे पर गब्बू की लाश पड़ी मिली। पास में सब्जी लगाने वाले दुकानदार ने बताया गब्बू ने दो बार स्थान बदला। फिर लेट गया और कराहने लगा। कुछ देर बाद आवाज बंद हो गई। प|ी ने कहा-डॉक्टर मुझे बता देता कि हालत खराब है तो मैं जिला अस्पताल ले जाती।

बंद क्लीनिक के सामने दो घंटे हंगामा, छत पर चढ़कर उतारी दवाएं

गब्बू की मौत की सूचना पर मोहनपुरा से परिजन पहुंचे। गब्बू की लाश देख कर आक्रोशित हो गए। सीधे फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचे। यहां पहले से ताले लगे थे। देर तक हंगामा चला। पुलिस अधिकारियों से क्लीनिक का ताला तोड़ने का कहा। परिजन बोले-डॉक्टर अंदर ही है। कोई अधिकारी नहीं पहुंचे तो परिजन आदिवासी होने से सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाने लगे। फिर तहसीलदार शक्तिसिंह पहुंचे। उनके सामने ही कुछ ग्रामीण क्लीनिक की छत पर चढ़े। यहां इन्हें दो बॉक्स में दवाएं मिलीं। इस पर परिजन और भड़क गए। कहने लगे-हमें आगे उलझाए रखा और डॉक्टर पीछे से भाग गया। अब ताला तोड़ेंगे। तहसीलदार ने समझाइश दी, जिससे परिजन माने। सीएमएचओ डॉ. चौहान स्टाफ के साथ आए। क्लीनिक सील किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। यहां से परिजन रिपोर्ट लिखाने पुलिस थाने की ओर रवाना हो गए। शव को थांदला गेट से ही पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।

शिकायत मिली तो जांच के लिए गया था

शिकायत की जांच के लिए गए थे। क्लीनिक सील कर एफआईआर करवा रहे हैं। जल्द ही अन्य स्थानों पर चल रहे क्लीनिक/दवाखानों की भी जांच की जाएगी। अवैध संचालन पाया जाएगा तो सील कर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। डॉ. डीएस चौहान, सीएमएचओ झाबुआ

परिजन को समझाइश दी पास की गली में नहीं गए

जहां हंगामा हुआ। उसी के पास वाली गली में सिद्धेश्वर कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर कई दवाखाने उसी दौरान चल रहे थे। सीएमएचअो चौहान ने परिजन को शांत करने के लिए क्लीनिक सील तो किया लेकिन पास की गली में जांच के लिए नहीं पहुंचे।

किराए की बीफार्मा डिग्री पर चलने लगे क्लिनिक

जिला मुख्यालय पर ही बीएचएमएस, बीईएमएस, बंगाली सर्टिफिकेट से एलोपैथी इलाज करने वाले कई क्लीनिक संचालित हैं। अब तक बी फॉर्मा की अन्य किसी की डिग्री से मेडिकल खोल कर वहीं अंदर के कमरों में इलाज भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण लगातार क्लीनिक बढ़ते चले जा रहे हैं। लंबे समय से जिला मुख्यालय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

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