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बिजली समस्या बताई तो राज्यपाल बोलीं-50 साल से काम नहीं हुआ, तब कोई नहीं बोलता था

भास्कर संवाददाता | झाबुआ/पिटोल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को झाबुआ जिले के दौरे पर आईं। कई कार्यक्रमों में...

Danik Bhaskar | Jun 29, 2018, 03:05 AM IST
भास्कर संवाददाता | झाबुआ/पिटोल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को झाबुआ जिले के दौरे पर आईं। कई कार्यक्रमों में भाग लिया। पिटाेल अस्पताल, करड़ावद बड़ी आंगनवाड़ी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रमों में राज्यपाल ने अपने उद्बाेधनों में लोगों को बार-बार मोदी सरकार से पहले के दिनों की याद दिलाए।

ग्राम कालियाबड़ा में जब कलेक्टर आशीष सक्सेना ने कहा कि जिला पूर्ण बिजलीकृत हो गया है, अाप लोगों को बिजली मिल रही है कि नहीं। एक महिला बोल पड़ी कि हमारे फलिये में लाइट बंद पड़ी है, पानी नहीं है। महिला को जब कलेक्टर जवाब देने लगे कि ऐसा नहीं है तो पिटोल के एक युवक ने महिला की बात का समर्थन करते हुए कह दिया कि चार दिन से पिटोल में ब्लेकआउट है। अधिकारी सुनते ही नहीं है। राज्यपाल मेडम आपको जैसा बताया जा रहा है, वैसा नहीं है। राज्यपाल बोल पड़ीं-50 साल से कोई काम नहीं होता तब कोई बोलता नहीं था। मेंटनेंस चल रहा है तो बंद होगा। फिर चालू होगा। लाइन नहीं है तो लाइन डलेगी। इसके बाद राज्यपाल मप्र सरकार की बिजली माफी योजना की जानकारी देते हुए कहने लगीं कि आप पहले बिजली इस्तेमाल करते थे, उसके पैसे नहीं भरते थे। बिजली बिल के जून तक के बकाया पैसे माफ कर दिए हैं। जुलाई से आपकाे 200 रुपए ही भरने हैं। राज्यपाल महिलाओं से कहने लगीं-किसी ने सोचा था कि महिलाओं को गैस देना चाहिए। पहली बार आपको गैस कनेक्शन, सिलेंडर मिला है।

जुबान से बार-बार निकला-‘मोदी साहेब ने कहा है’

कालियाबड़ा में कई प्रधानमंत्री आवास अधूरे होने पर राज्यपाल ने कहा-कुछ लोगों को अभी पैसा दिया है। आगे से और पैसा आने पर अन्य लोगों को दिया जाएगा। मोदी साहेब ने कहा है कि मैं किसी को हाथ में पैसा देने वाला नहीं हूं। खाते में पैसा डालूंगा। मोदी साहेब ने कहा है कि 2022 तक जिसके पास पक्का मकान नहीं है मैं उसे पैसा देता रहूंगा। पैसा बैंक अकाउंट में दूंगा।

महिलाएं बोली-दारू के ठेके बंद करो, राज्यपाल बोलीं-ठेके पर जाकर बैठ जाओ

कालियाबड़ा में कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने दहेज दापा कम होने दावा करने लगे। कहा कि पहले ढाई लाख रुपए तक लगते थे, जिसमें से 1 लाख की दारू पी जाते थे। अब 50 हजार रुपए तक आ गया है। इसका असर जिले समेत आलीराजपुर, दाहोद और रतलाम के सैलाना तक है। जब राज्यपाल ने महिलाओं से पूछा कि दारू कम हुई तो एक महिला बोल पड़ी-आगे से बंद करो तो होगी। महिला के समर्थन में फिर दूसरी महिला बोली-ठेका बंद करो तो दारू बंद होगी, नहीं तो कैसे बंद होगी। राज्यपाल बोलीं-ठेके पर जाकर बैठ जाओ। महिला बोली-सरकार बंद करे, हम बाइयों की कौन सुनता है। कलेक्टर ने स्थानीय महिला सरपंच से कहा आप शराबबंदी का प्रस्ताव पारित करवाओ। हम बिक्री बंद करवा देंगे।

मप्र गान पूरा नहीं गाने पर राज्यपाल ने शिक्षकों से कहा-प्रार्थना में गवाओ, शाम को पहुंची हाथीपावा

राज्यपाल करड़ावद बड़ी आंगनवाड़ी भी पहुंची। यहां बालिकाओं से मप्र गान गाने को कहा तो उन्होंने सिर्फ मुखड़ा गाया। राज्यपाल ने शिक्षकों को प्रार्थना में मप्र गान गवाने के लिए कहा। राज्यपाल ने झाबुआ में दीनदयाल रसोई का अवलोकन किया। इस दौरान दीनदयाल रसोई की पूरी जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों की बैठक ली। पैलेस गार्डन में विभिन्न हितग्राहियों को हित लाभ बांटो। शाम को हाथीपावा में पौधारोपण भी किया।

कवरेज से रोकने पर मीडियाकर्मियों ने दिया धरना, रंगपुरा में सड़क पर ही बैठ गए

चार दिन से राज्यपाल के सामने सबकुछ बढ़िया दिखाने की जो तैयारियां चल रही थी, वे कालियाबड़ा में विफल होती दिखीं तो इसके बाद प्रशासन ने मीडिया को कवरेज से रोकना शुरू कर दिया। पहले पिटोल अस्पताल में राज्यपाल के अवलोकन के दौरान अंदर जाने से रोका। फिर रंगपुरा विकलांग पुनर्वास केंद्र पर भी रोका गया। धक्का-मुक्की की गई। इससे नाराज मीडियाकर्मियों ने रंगपुरा में ही सड़क पर बैठ कर धरना दिया।

सरपंच की बहू बोलीं- मेडम ने कहा था ऐसा ही बोलना नहीं तो सर मुझे डांटेंगे

कालियाबड़ा से पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सुबह 10.40 बजे ग्राम कालाखूंट के भगत फलिया पहुंची, जहां लोगों ने अधिकतर प्रधानमंत्री आवास बन जाने से फलिये का नाम बदल कर मोदी फलिया रखा है। कलेक्टर ने राज्यपाल को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत इस गांव के एक भगत फलिये में लगभग सभी के पक्के मकान बन गए है इसलिए इन फलिये के लोगो ने इस फलिये का नाम मोदी फलिया रख दिया। राज्यपाल ने यहां प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के गैस कनेक्शन वितरित किए। योजना के फायदे पूछने पर सरपंच की बहू सुजिका पति प्रवीण आई। कहा कि धुएं से आंखें जलन नहीं होती, रोटी भी अच्छी बनती है। कार्यक्रम के बाद जब भास्कर ने सुजिका से पूछा कि राज्यपाल के सामने क्या बोलना है, उसके बारे में किसने बताया तो वह बाेली-अभी थोड़ी देर पहले एक मेडम आई थीं और बताया कि क्या बोलना है। मेडम बोली कि ऐसा ही बोलना नहीं तो सर हमको डांटेंगे।