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खरडूबड़ी हाईस्कूल परिसर मंे लगे हैंडपंप से बच्चे व ग्रामीण पी रहे बैक्टीरिया वाला पानी

जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित पांच हजार की आबादी वाले ग्राम खरडूबड़ी के ग्रामीण डायरिया की चपेट में है। अगर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 05, 2018, 03:05 AM IST

खरडूबड़ी हाईस्कूल परिसर मंे लगे हैंडपंप से बच्चे व ग्रामीण पी रहे बैक्टीरिया वाला पानी
जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित पांच हजार की आबादी वाले ग्राम खरडूबड़ी के ग्रामीण डायरिया की चपेट में है। अगर एच-2-एस रिपोर्ट की माने तो बैक्टीरिया वाला पानी पीने से ऐसे हालात बन रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता व फ्लोराइड निवारण के लिए काम करने वाले सचिन वाणी ने गांव के तीन स्थानों से पानी के नमूने लिए थे, जिसमें से दो में बैक्टीरिया होने की बात सामने आई है। इनमें से एक हैंडपंप से तो स्कूली बच्चे भी पानी पी रहे हैं।

गांव में अब भी डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। 2 जुलाई को वाणी खरडूबड़ी गए थे। उन्होंने बढ़ते डायरिया को देखते हुए दो स्थानों पर अस्थायी रूप से दो वाटर फिल्टर भी लगाए थे। इसके अलावा तीन जगह से पानी के नमूने लिए थे। इसकी एच-2-एस टेस्ट रिपोर्ट आ चुकी है। तीन में से दो जगह के पानी में बैक्टिरिया पाया गया है। इनमें से एक तो हाईस्कूल के समीप लगा हैंडपंप भी है। अगर बैक्टीरिया वाला पानी ग्रामीण पीते रहे तो वे डायरिया की चपेट में आते रहेंगे।

हमने टीम बनाकर खरडूबड़ी भेजी थी। जिन स्थानों पर पानी में बैक्टीरिया की बात आप बता रहे हैं एक बार पीएचई से भी पानी की जांच कराएंगे। डीएस चौहान, सीएमएचओ, झाबुआ

ऐसे की पानी की जांच

वाणी ने एच-2-एस टेस्ट पद्धति के आधार पर तीन बोतलों में तीन स्थानों से पानी भरा था। इसकी इसकी रिपोर्ट 24 घंटे बाद आती है। यदि पानी में बैक्टीरिया है तो बोतल के पानी का रंग काला पड़ जाएगा। जिस पानी में बैक्टीरिया नहीं है उसका पानी साफ ही रहेगा। सैंपल लेने के बाद 24 घंटे के बाद दो बोतल का पानी काला हो गया था।

जांच के बाद यहां पर निकला बैक्टीरिया

उपस्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित हैंडपंप से पहला नमूना लिया था। यहां से केंद्र में भी पानी की पूर्ति होती है। हालांकि इसके पानी में बैक्टिरिया नहीं निकला।

दूसरा नमूना गांव के हाईस्कूल के पास स्थित हैंडपंप से लिया था। इस हैंडपंप से स्कूली बच्चे भी पानी पीते हैं। इसमें बैक्टीरिया की मात्रा पाई गई है।

तीसरा नमूना जनपद सदस्य के घर के समीप रहने वाले राजेंद्र पंचाल के ट्यूबवेल से लिया था। वे गांव वालों को पानी बांटते भी हैं। इस ट्यूबवेल के पानी में भी बैक्टीरिया निकला है।

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