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तेजाब हमले से पीड़ित व बौने लाेग भी कहलाएंगे दिव्यांग

शासन ने दिव्यांगजन के लिए सुविधाएं व कैटेगरी बढ़ाने के लिए नियमों में संशोधन करते हुए मप्र दिव्यांगजन अधिकार नियम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 15, 2018, 03:05 AM IST

शासन ने दिव्यांगजन के लिए सुविधाएं व कैटेगरी बढ़ाने के लिए नियमों में संशोधन करते हुए मप्र दिव्यांगजन अधिकार नियम 2017 लागू किया है। इसके अंतर्गत अब 4.10 फीट के कम ऊंचाई के वयस्क, तेजाब हमले के शिकार सहित कई बीमारियों से पीड़ित भी दिव्यांग की श्रेणी में शामिल होंगे। शासन ने 21 बीमारियों से पीड़ितों को शामिल किया। नियमों को लागू करते हुए अमल के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठकें शुरू कर दी हैं।

मप्र शासन ने लागू किया मप्र दिव्यांगजन अधिकार नियम 2017, 21 बीमारियों से पीड़ितों को किया शामिल

संशोधन के बाद जिले में पंजीकृत दिव्यांगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि शासन ने दिव्यांगजन के लिए कई सुविधाएं बढ़ाने के साथ अनेक अधिकार देने के लिए दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2017 लागू किया। अब तक 7 बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति ही दिव्यांग की श्रेणी में आते थे। इसमें अब 21 श्रेणियों को और शामिल कर लिया है। इससे जिले में दिव्यांगजन की संख्या कई गुना अधिक होने की संभावना है। शासन द्वारा बौनापन, तेजाब हमले के शिकार, 60 की उम्र से पहले कम दिखना जैसे कई लोगों को अब दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। साथ ही इन्हें शासन की हर योजना का लाभ मिले व इनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए राज्य स्तरीय सलाहकार व अनुसंधान समिति भी तैयार की है। नए नियमों के पालन को लेकर शासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी ने बताया दिव्यांगजन अधिकार नियम 2017 शासन ने लागू कर दिया है।

दिव्यांग की श्रेणी में ये होंगे शामिल

चलन दिव्यांगता, व्यस्क होने पर भी कद 4 फीट 10 इंच व उससे कम होना, मांसपेशी दुर्विकास, कमजोरी व विकृति, तेजाब हमला पीड़ित, दृष्टिबाधित, अल्प दृष्टि (60 से कम उम्र में रंगों की पहचान नहीं कर पाना), श्रवण बाधित, कम व ऊंचा सुनना, बोलने एवं भाषा की दिव्यांगता, कुष्ठ रोग (हाथ, पैर व अंगुलियों में विकृति), मस्तिष्क घात (पैरों में जकड़न, चलने में कठिनाई), बहु दिव्यांगता (दो या दो से अधिक), बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने की दिव्यांगता (बोलने लिखने की कमी), स्वलीनता (कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई), मानसिक रुग्णता (खुद से बातें करना, मति भ्रम), बहु स्केलेरोसिस (दिमाग एवं रीढ़ की हड्डी के समन्वय में परेशानी), पार्किनसंस, हिमोफीलिया , थैलेसीमिया, सिक्कल कोशिका रोग (खून की कमी से अवयव खराब होना)।

ये सुविधा देंगे : शासन ने दिव्यांगजन के लिए सड़कों पर लाल बत्तियों पर श्रवण संकेत और दृष्टिबाधित के लिए आवश्यक संकेत लगाने के निर्देश संबंधित विभागों को जारी किए हैं। दृष्टिहीन या कम दृष्टिवाले व्यक्तियों के लिए जेब्रा क्राॅसिंग की सतहों को उत्कीर्ण करने का काम किया जाएगा। दिव्यांगता के समुचित प्रतीकों को विकसित किया जाएगा।

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