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पहले चरण में 6 ब्लॉक के 24 गांवों को नलों से मिलेगा पेयजल, 24 करोड़ रुपए होंगे खर्च

इस तरह खाली टंकियों का पैनल बना कर इसमें पंप कसा जाएगा, जिससे जलस्रोत में पानी कम होने पर मोटर आगे बढ़ाने के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 02, 2018, 03:05 AM IST

पहले चरण में 6 ब्लॉक के 24 गांवों को नलों से मिलेगा पेयजल, 24 करोड़ रुपए होंगे खर्च
इस तरह खाली टंकियों का पैनल बना कर इसमें पंप कसा जाएगा, जिससे जलस्रोत में पानी कम होने पर मोटर आगे बढ़ाने के लिए बार-बार खोलने की मुसीबत नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री ग्राम नल जल योजना में जिले के हर विकासखंड से चार गांव शामिल

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

मुख्यमंत्री ग्राम नल जल योजना में जिले के लिए 24 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। इसके तहत प्रत्येक विकासखंड में चार गांवों को नलों के जरिये पेयजल दिया जाएगा। जिले के छह विकासखंडों से 24 गांव पहले चरण में चुने गए हैं। करीब 30 हजार आबादी को योजना के पहले चरण में नलों से पानी मिलना शुरू होगा। पीएचई विभाग काम पूरा होने के बाद दो साल तक पेयजल व्यवस्था संभालेगा। फिर ग्राम पंचायत को हैंडओवर करेगा। योजना के तहत 24 गांवों में करीब 50 किमी की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। हर गांव में एक-एक पेयजल टंकी बनेगी और क्लोरीनेशन के लिए एक छोटा संयंत्र भी लगाया जाएगा। अगली गर्मी के पहले सभी 24 गांवों में काम पूरा कर लिया जाएगा।

छह ब्लॉक के इन गांवों को मिलेगा पानी

झाबुआ ढेबर, बरखेड़ा, बावड़ी, मसूरिया

रामा पिथनपुर, ढकेला, सरदावा, आमलीपाड़ा

मेघनगर काजलीढूंगरी, बेड़ावली, खच्चरटोड़ी, सजेली सूरजी मोगजी साग

थांदला बेढ़ावा, भेरूगढ़, सेमलपाड़ा, पांचखेरिया

पेटलावद कुंबाखेड़ी, मोहकमपुरा, कोदली, धतुरिया

राणापुर कुशलपुरा, चूई, मांडलीनाथू, दोतड़

करनी होगी जलकर वसूली

देखा गया है कि पीएचई से ग्राम पंचायत को योजना हैंडओवर होने के बाद मेंटनेंस नहीं हो पाने से योजना बंद हो जाती है। इसके लिए ग्राम में लोगों से जलकर वसूली करना योजना को चालू रखने के लिए जरूरी होगा। कुशलपुरा में ग्राम नल जल योजना चालू होने के पहले ही ग्राम पंचायत ने जलकर वसूली के लिए तैयारी शुरू कर दी है। यहां पहले कुछ जगह नलों से सप्लाय दिया जा रहा है।

बांध तो कहीं कुएं से सप्लाई

योजना के तहत गांवों में या आसपास के पानी के स्रोत से लाइनें बिछाई जाना हैं। कहीं बांध का तो कहीं कुएं का पानी सप्लाय किया जाएगा। कुछ जगह ट्यूबवेल के पानी पर निर्भरता रहेगी। जैसे मोहकमपुरा और आमलीपाड़ा में बांध/तालाब का पानी गांव तक सप्लाय किया जाएगा। जबकि पिथनपुर, ढकेला में कुएं का पानी दिया जाएगा।

अगली गर्मी के पहले गांवों में मिलने लगेगा नलों से पानी

24 गांवों के लिए योजना के तहत मंजूरी मिली है। लक्ष्य है कि अगली गर्मी के पहले इन गांवों में नलों से पानी मिलने लगे। जितेंद्र मावी, ईई पीएचई झाबुआ

इधर, सारंगी व बामनिया में पहली बार प्रयोग किया जाएगा फ्लोटिंग पंप

जिले के दो बड़े गांव सारंगी और बामनिया में भी पेयजल योजना का काम आखिरी चरण में है। सारंगी में रेला और बामनिया में लाड़की डेम से पानी लिया जाएगा। ये पहली ऐसी दो परियोजनाएं हैं, जिनमें फ्लोटिंग पंप (पानी की सतह पर तैरने वाला) इस्तेमाल किया जा रहा है। फ्लोटिंग यूनिट में 15 एचपी का पंप लगाया जा रहा है। ये योजनाएं ढाई करोड़ की लागत की हैं। दोनों स्थानों पर कंटीन्यू सेंड फिल्टर प्रणाली की रेडिमेड यूनिट पानी के शुद्धीकरण के लिए लगाई जा रही है। फ्लोटिंग पंप का फॉर्मूला यहां सफल होने पर अन्य पेयजल स्रोतों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

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