Hindi News »Madhya Pradesh »Jhabua» इस वर्ष 17 से 29 दिन देरी से आएंगे तीज-त्योहार

इस वर्ष 17 से 29 दिन देरी से आएंगे तीज-त्योहार

इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) है। यह 16 मई से 13 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण इस बार तीज-त्योहार...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:20 AM IST

इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) है। यह 16 मई से 13 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण इस बार तीज-त्योहार पिछले साल की अपेक्षा 17 से 19 दिन देरी से आएंगे। ज्येष्ठ अधिक मास 19 साल बाद अा रहा है। 1999 में ज्येष्ठ मास में अधिक मास आया था। अगली बार 2037 में फिर से ज्येष्ठ मास आएगा।

पं. हिमांशु शुक्ल के अनुसार करीब तीन साल (32 माह, 16 दिन और चार घड़ी) के अंतर से अधिक मास आता है। 2015 में आषाढ़ माह में अधिक मास आया था। उसके बाद अब 2018 में आ रहा है। अधिक मास में प्रतिष्ठा कर्म, विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित हैं। व्रत, दान, उपवास पारायण आदि कार्य को करने का बहुत पुण्य मिलता है।

32 महीने और 16 दिन में आता अधिक मास - पं. हिमांशु शुक्ल बताते हैं कि सौर मास 365 दिन का होता है। जबकि चंद्रमास 354 दिन का। इस अंतर को पूरा करने के लिए हमारे धर्मशास्त्रों में अधिक मास की व्यवस्था की गई है। यह 32 माह, 16 दिन और चार घड़ी के अंतर से आता है। धर्मशास्त्र, ज्योतिर्विज्ञान की मान्यता है कि जिस महीने में सूर्य की संक्रांति नहीं होती है वह मास अधिक मास के नाम से जाना जाता है।

19 साल बाद ज्येष्ठ माह में अधिक मास आ रहा है, 16 मई से 13 जून तक प्रतिष्ठा कर्म, विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित रहेंगे

पिछले साल की तुलना में इस साल इस तरह आएंगे प्रमुख त्योहार

तीज त्यौहार 2017 2018

भडली नवमी 2 जुलाई 21 जुलाई

देवशयन काल 4 जुलाई 23 जुलाई

गुरुपूर्णिमा 9 जुलाई 27 जुलाई

श्रावण मास 10 जुलाई 28 जुलाई

नागपंचमी 27जुलाई 15 अगस्त

रक्षाबंधन 7 अगस्त 26 अगस्त

जन्माष्टमी 15अगस्त 3 सितंबर

गणेश चतुर्थी 25अगस्त 3 सितंबर

अनंत चतुर्दशी 5सितंबर 23 दिसंबर

श्राद्धपक्ष 6 सितंबर 25 सितंबर

नवरात्रि 21 सितंबर 10 अक्टूबर से

विजयादशमी 30सितंबर 18/19अक्टूबर

शरद पूर्णिमा 4 अक्टूबर 23 अक्टूबर

करवा चतुर्थी 8 अक्टूबर 27 अक्टूबर

धनतेरस 17 अक्टूबर 5 नवंबर

दीपावली 19 अक्टूबर 7 नवंबर

भास्कर संवाददाता|झाबुआ

इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) है। यह 16 मई से 13 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण इस बार तीज-त्योहार पिछले साल की अपेक्षा 17 से 19 दिन देरी से आएंगे। ज्येष्ठ अधिक मास 19 साल बाद अा रहा है। 1999 में ज्येष्ठ मास में अधिक मास आया था। अगली बार 2037 में फिर से ज्येष्ठ मास आएगा।

पं. हिमांशु शुक्ल के अनुसार करीब तीन साल (32 माह, 16 दिन और चार घड़ी) के अंतर से अधिक मास आता है। 2015 में आषाढ़ माह में अधिक मास आया था। उसके बाद अब 2018 में आ रहा है। अधिक मास में प्रतिष्ठा कर्म, विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित हैं। व्रत, दान, उपवास पारायण आदि कार्य को करने का बहुत पुण्य मिलता है।

32 महीने और 16 दिन में आता अधिक मास - पं. हिमांशु शुक्ल बताते हैं कि सौर मास 365 दिन का होता है। जबकि चंद्रमास 354 दिन का। इस अंतर को पूरा करने के लिए हमारे धर्मशास्त्रों में अधिक मास की व्यवस्था की गई है। यह 32 माह, 16 दिन और चार घड़ी के अंतर से आता है। धर्मशास्त्र, ज्योतिर्विज्ञान की मान्यता है कि जिस महीने में सूर्य की संक्रांति नहीं होती है वह मास अधिक मास के नाम से जाना जाता है।

तीज त्यौहार 2017 2018

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jhabua

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×