• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Jhabua News
  • उज्जैन से बामनिया जा रही बस अंधे मोड़ पर गड्‌ढे में उतरी, 15 से ज्यादा यात्री हुए घायल
--Advertisement--

उज्जैन से बामनिया जा रही बस अंधे मोड़ पर गड्‌ढे में उतरी, 15 से ज्यादा यात्री हुए घायल

भास्कर संवाददाता | घुघरी/करवड़ उज्जैन से बामनिया जा रही निजी यात्री बस (एमपी-13-पी-0929) ग्राम गंगाखेड़ी के समीप अंधे...

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 03:26 AM IST
उज्जैन से बामनिया जा रही बस अंधे मोड़ पर गड्‌ढे में उतरी, 15 से ज्यादा यात्री हुए घायल
भास्कर संवाददाता | घुघरी/करवड़

उज्जैन से बामनिया जा रही निजी यात्री बस (एमपी-13-पी-0929) ग्राम गंगाखेड़ी के समीप अंधे मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा तेज गति की वजह से हुआ। दुर्घटना में 15 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। घायलों को ग्रामीणों की मदद से बस से बाहर निकाला गया।

घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे की है। उज्जैन से बामनिया के बीच चलने वाली निजी यात्री बस तेज गति से जा रही थी। तभी गंगाखेड़ी के समीप अंधे मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क से 10 फीट दूर जाकर गड्‌ढे में उतर गई। यात्रियों में चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकाला। यहां से गुजर रहे लोग भी मदद के लिए रुक गए। उन्होंने 108 एम्बुलेंस और डायल 100 पर पुलिस को सूचना दी।

हालांकि काफी देर तक दोनों ही मौके पर नहीं पहुंचे। एम्बुलेंस तो आई ही नहीं। कुछ देर बाद करवड़ पुलिस पहुंची और घायलों को उपचार के लिए भेजा। यात्री युसूफ ने बताया चालक बहुत तेज गति में बस चला रहा था। यात्रियों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक सवारी भरी हुई थी। सामने अचानक आए मोड़ पर चालक कुछ समझ नहीं पाया। इसके बाद बस सीधे जाकर एक गड्‌ढे में उतर गई। हादसे में मुकेश निवासी जिरावलिया की पसली टूट गई। इसके अलावा कई यात्रियों को गंभीर चोट आई है। मौके पर नायब तहसीलदार गिलदासिंह सोलंकी, पटवारी ईश्वरलाल पाटीदार, टीआई नरेंद्र वाजपेयी, राजेंद्र गेहलोत भी पहुंचे।

इस तरह सड़क से नीचे गड्ढे में उतर गई बस।

मुकेश गरवाल को अंदरूनी चोट आई, नाक पर भी लगी वे बेसुध हो गए।

हीरालाल मोरी को पैरों में चोट आई। सीधा हाथ भी लटक गया।

यह हुए घायल

कैलाश पिता हुरजी कटारा (35) निवासी गोदड़िया, शिवम पिता खुरसिंह मुणिया (21) वडलीपाड़ा, लीला पति प्रकाश कटारा (15) बलियापाड़ा, प्रकाश पिता दायमा कटारा (30) बलियापाड़ा, हीरालाल पिता पूनाजी मोरी (56) घुघरी, मुकेश पिता रमेश गरवाल (20) जिरावलिया, तेजु पिता धनजी वसुनिया (45) सातेर, सविता पिता गोवर्धन मेड़ा (18) कुडाल, नकला पिता नंदा मेड़ा (39) कुंडाल, सुमित्रा पिता मनचंद्र (61) गवारूंडी-नीमच, भुंडी पिता कैलाश कटारा (35) निवासी गोदड़िया, रणछोड़ पिता पूना वसुनिया (45), युसूफ पिता समसुद्दीन खान (50) रतलाम, सविता गोवर्धन मईड़ा, विक्रमसिंह राठौर (60) निवासी मोर, गोलू कैलाश निवासी रानीसिंग।

अंधे मोड़ पर आए दिन होती है दुर्घटनाएं

करवड़ से रतलाम के बीच करीब 20 अंधे मोड़ है जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रही है। इन मोड़ों पर लगाए गए संकेतक टूट गए हैं या फिर धुंधला गए हैं। लिहाजा वाहन चालकों को परेशानी आती है। करवड़ के समीप नागणेचा माता मंदिर और गंगाखेड़ी के अंधे मोड़ पर तो अक्सर कोई ना कोई दुर्घटना हो ही जाती है। झाबुआ से रतलाम के बीच बनी सड़क निर्माण के दौरान भी ग्रामीणों ने अंधे मोड़ खत्म करने की मांग उठाई थी लेकिन रास्ता सीधा नहीं किया गया। अब तेज गति से निकलने वाले वाहन चालक मोड़ पर संतुलन खो बैठते हैं और हादसा हो जाता है। गंगाखेड़ी के समीप ही तीन अंधे मोड़ हैं। इसके अलावा चवरापाड़ा घाट, मोर घाटी, कुंडाल, जीवरीखाली, घुघरी घाटी, ग्राम पलाश, कोयला घाटी, उंडवा घाटी पर भी अंधे मोड़ हैं। जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती है।

करवड़ में उपचार कर पेटलावद भेजा

घायलों को उपचार के लिए करवड़ के उपस्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां कम्पाउंडर ने घायलों का प्राथमिक उपचार कर पेटलावद भेज दिया। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर होने से उन्हें रतलाम भी ले जाया गया।

नागणेचा माता मंदिर के इस अंधे मोड़ पर भी दुर्घटनाएं होती रहती है।

X
उज्जैन से बामनिया जा रही बस अंधे मोड़ पर गड्‌ढे में उतरी, 15 से ज्यादा यात्री हुए घायल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..