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आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए गांव से कोई रात में 2 बजे निकल रहा तो कोई 4 बजे

पोस्ट ऑफिस पर सुबह 7 बजे लगी बच्चों व ग्रामीणों की भीड़, इस दौरान होती रही रिमझिम बारिश। नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक...

Dainik Bhaskar

Jul 21, 2018, 03:45 AM IST
आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए गांव से कोई रात में 2 बजे निकल रहा तो कोई 4 बजे
पोस्ट ऑफिस पर सुबह 7 बजे लगी बच्चों व ग्रामीणों की भीड़, इस दौरान होती रही रिमझिम बारिश। नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के बाहर भी भीड़ रही।

आवेदक बोले...

रात 2 बजे निकले थे वेसवानी से

गांव वेसवानी से आए विकास और नवलदास ने बताया कि हम रात को 2 बजे अपने जीजा गोविंद के साथ बाइक पर आधार कार्ड बनवाने के लिए निकले थे। हमें स्कूल में अच्छी तरह से नहीं पढ़ाते हैं और आधार कार्ड सुधरवाने का बोलते हैं। सुबह 4 बजे से बैंक ऑफ इंडिया के सेंटर के बाहर खड़े हैं।

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भीड़ के चलते सेंटर पर लागू कर दिया टोकन सिस्टम, 4 से 10 दिन बाद आता है नंबर

जिला मुख्यालय के सभी आधार कार्ड सेंटर पर बच्चों व उनके परिजन की भीड़ अलसुबह से लगी रहती है। ऐसे में कई सेंटर पर टोकन सिस्टम लागू कर दिया गया है तो कही लिस्ट लगाकर आवेदकों को बुलाया जा रहा है। आवेदक फार्म भरकर टाेकन लेकर चले जाते हैं। उनका नंबर भी चार से दस दिनों बाद लग रहा है। ऐसे में नए आवेदक और टोकन लेकर पहुंचने वाले लोगों की भीड़ बनी रहती है। अलसुबह से पहुंचने वाले बच्चे भूखे-प्यासे खड़े रहते हैं, उनके लिए पेयजल तक की व्यवस्था नहीं रहती है और बाजार में भी चाय-नाश्ते की दुकानें भी देरी खुलती है।

सेंटर पर पहुंचने के बाद भी किसी न किसी कारण से होना पड़ता है परेशान

साढ़े 4 बजे निकले बखतगढ़ से

जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर बखतगढ़ से आए रामसिंह ने बताया कि हम बखतगढ़ से साढ़े चार बजे निकले थे। बच्चे बखतगढ़ में पढ़ते है। एडमिशन के लिए कागज मांग रहे हैं। हरसवाट से आए करमसिंह ने बताया कि प्रोफाइल के कारण एडमिशन नहीं हो पा रहा है। सुबह पांच बजे से यहां खड़ा हूं।

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अफवाह का रूप ले चुका मामला, अव्यवस्थाएं रोकने में प्रशासन नाकाम

गौरतलब है कि 30 जून से प्राइवेट आधार कार्ड सेंटर बंद हो चुके हैं। बैंक, पोस्ट ऑफिस व शासकीय निगरानी में ही सेंटर चल रहे हैं। ऐसे में सेंटरों की संख्या कम हो गई है। वहीं स्कूलों में हितग्राही प्रोफाइल पंजीयन व आधार के बिना प्रवेश नहीं मिलने की बात गांव-गांव में अफवाह का रूप ले चुकी है। जिसके कारण लोग बड़ी संख्या में इन सेंटरों में पहुंच रहे हैं और अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। प्रशासन जिले में फैल रही अव्यवस्थाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।

11 जुलाई से परेशान हो रहा हूं

गांव खरपई निवासी शंकर ने बताया कि मैं सरनेम व मोबाइल नंबर आधार कार्ड में जुड़वाने के लिए आया हूं। इंडिया बैंक वाले कह रहे हैं कि अधिकारी की सील-साइन लेटरपैड पर करवाकर लाओ। संस्था का प्रमाण-पत्र लाया हूं लेकिन वो नहीं चलेगा कहकर मना कर दिया। मैं 11 तारीख से परेशान हो रहा हूं।

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किसी का प्रवेश नहीं रोके, पत्र जारी किया है


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