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ढाई माह के जुड़वा बेटे-बेटी की दो दिन में संदिग्ध मौत

काकनवानी के तड़वी फलिये में ढाई माह के दो जुड़वा बच्चों की दो दिन में संदिग्ध मौत हो गई। 31 जुलाई को बच्ची ललिता की मौत...

Danik Bhaskar | Aug 03, 2018, 03:50 AM IST
काकनवानी के तड़वी फलिये में ढाई माह के दो जुड़वा बच्चों की दो दिन में संदिग्ध मौत हो गई। 31 जुलाई को बच्ची ललिता की मौत हुई तो बच्चे निलेश ने 1 अगस्त को दम तोड़ दिया। 28 जुलाई को दोनों बच्चों को तीन-तीन टीके लगाए गए थे। मां गब्बूबाई का आरोप है कि टीके लगाने के कारण ही दोनों की मौत हुई। जिस वैक्सीन से बच्चों की मौत हुई वह विभाग के पास संरक्षित नहीं हैं। गब्बूबाई ने बताया कि दोनों बच्चे बीमार और कमजोर थे, मैंने नर्स को मना किया, फिर भी टीके लगवाए। शेष|पेज 4 पर





31 जुलाई को बालिका की मौत हुई तो हमने इसे बीमारी हुई मौत माना क्योंकि बच्ची पहले से बीमार थी। बुधवार को जब बालक की भी मौत हो गई थी तो परिवार शव लेकर थाने पहुंचा। गुरुवार को बालक का पोस्टमाॅर्टम हुआ। पोस्टमाॅर्टम करने वाले काकनवानी के डॉ. संतोष बबेरिया ने बताया कि दोनों बच्चे गर्भ में ही कम वजन के थे। मैंने महिला को जिला अस्पताल उपचार की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने इलाज नहीं करवाया था। 31 जुलाई को जब बच्ची की मौत हुई, तब बीमार बालक को मेरे पास लाए थे। मैंने उन्हें झाबुआ जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं गए। 28 जुलाई को 10 गांवों में बच्चों को टीकाकरण किया गया। यदि वैक्सीन में गड़बड़ी होती तो और भी बच्चों को असर होता। वैक्सीन डेढ़ माह की उम्र में लगना थी, इन बच्चों की कमजोर स्थिति देखते हुए ढाई माह बाद लगाए गए। वैक्सीन का रिएक्शन 24 घंटे में हो जाता है लेकिन बच्चों की मौत 72 घंटे बाद हुई है।

वैक्सीन 48 घंटे संरक्षित रखे जाते हैं

वैक्सीन 48 घंटे तक संरक्षित रखे जाते हैं। यदि कोई रिएक्शन होता है तो 24 घंटे में सामने आ जाता है।

- डॉ. संतोष बबेरिया, काकनवानी स्वास्थ्य केंद्र