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1 अप्रैल के बाद प्रसव का पंजीयन तो भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत अगर प्रसूता का प्रसव 1 अप्रैल के बाद हुआ है और योजना में पंजीयन प्रसव के बाद तो भी उसे...

Dainik Bhaskar

Jul 30, 2018, 03:55 AM IST
मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत अगर प्रसूता का प्रसव 1 अप्रैल के बाद हुआ है और योजना में पंजीयन प्रसव के बाद तो भी उसे योजना का लाभ दिया जाएगा। अगर प्रसूता ने गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक किसी दो सरकारी संस्थाओं में परीक्षण और इलाज कराया है तो उसे उस संस्था से योजना का लाभ दिया जाएगा, जहां उसने प्रसव पूर्व पहली दो जांचें कराई हो।



योजना

प्रसूता को गर्भधारण से लेकर प्रसव तक कुल 16 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी

प्रसव 1 अप्रैल को हुआ और पंजीयन 25 जून को तो भी लाभ दिया जाएगा

प्रदेश में 1 अप्रैल से मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा (प्रसूता सहायता) योजना लागू है। प्रसूता को गर्भधारण से लेकर प्रसव तक कुल 16 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पंजीयन जून व जुलाई में किए गए। प्रसूताओं का लाभ देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक ने हाल ही में आदेश जारी किए है, कि योजना का लाभ योजना में पंजीकृत ऐसी सभी प्रसूता का दिया जाएगा, जिनके प्रसव 1 अप्रैल के बाद हुए हो। भले ही उनका पंजीयन प्रसव के बाद हो। अगर किसी प्रसूता का प्रसव 1 अप्रैल को हुआ और उसका पंजीयन 25 जून को तो भी लाभ दिया जाएगा।

योजना का लाभ लेने यह दस्तावेज जरूरी

असंगठित श्रमिक का कार्ड, शासकीय संस्था में प्रसव का प्रमाण-पत्र, अधिकतम 2 जीवित जन्म वाले प्रसव का प्रमाण-पत्र एएनएम द्वारा जारी, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड,आधार कार्ड व बैंक की पासबुक योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र या संबंधित विभाग में जमा करनी होगी।

दो चरणों में मिलती है

सहायता प्रसूता को दो चरणों में 16 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है। पहली 4 हजार रुपए की सहायता गर्भावस्था के दौरान निर्धारित अवधि में 5 जांचें किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्था पर करने पर व दूसरी सहायता 12 हजार सरकारी संस्थागत प्रसव, जन्म का पंजीयन व नवजात शिशु के आवश्यक सभी टीकाकरण कराने के बाद दी जाएगी। प्रसूता अगर गर्भधारण करने के बाद पहले किसी अन्य सरकारी संस्था में जांच कराती है और बाद में किसी अन्य संस्था में जांच के बाद प्रसव तो उसे पहली संस्था से योजना का लाभ दिया जाएगा। अगर कोई प्रसूता सिविल अस्पताल में गर्भावस्था के दौरान दो जांचे कराती है। इसके बाद वह दो जांच व प्रसव जिला अस्पताल में कराती है तो उसे योजना का लाभ लेने के लिए दोनों स्थानों पर चक्कर नहीं लगाने होंगे। उसे सिविल अस्पताल से भी योजना का लाभ दिया जाएगा।

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