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पहले दिन बावन जिनालय में 96 आराधकों ने किया आयंबिल

चातुर्मास गुरुवार से शुरू हो गए। बावन जिनालय जैन मंदिर में पहले दिन 96 आराधकों ने आयंबिल तप किया। अब चार महीनों तक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 27, 2018, 03:55 AM IST

पहले दिन बावन जिनालय में 96 आराधकों ने किया आयंबिल
चातुर्मास गुरुवार से शुरू हो गए। बावन जिनालय जैन मंदिर में पहले दिन 96 आराधकों ने आयंबिल तप किया। अब चार महीनों तक रोजाना तप-आराधना का दौर चलेगा। हर शनिवार को महिलाओं-बालिकाओं के लिए और रविवार को बच्चों के लिए दोपहर 2.30 बजे से विशेष शिविर लगेगा, जिसमें धार्मिक अध्ययन कराया जाएगा। बावन जिनालय में पुनीतप्रज्ञा श्रीजी आदि ठाणा पांच चातुर्मास के दौरान शहरवासियों को निश्रा प्रदान करेंगी। रोजाना प्रवचन का दौर चलेगा। गुरुवार को पहले 96 आराधकों ने आयंबिल की आराधना की। आयंबिल का लाभार्थी मांगूबेन सकचेला परिवार रहा। श्रीसंघ अध्यक्ष संजय मेहता, श्रीसंघ सचिव मुकेश नाकोड़ा, चातुर्मास समिति अध्यक्ष तेजप्रकाश कोठारी, धर्मचंद्र मेहता, बाबूलाल कोठारी, राजेश मेहता, अंतिम जैन, उल्लास जैन, रिंकू रूनवाल, जितेंद्र जैन ने चातुर्मास में धर्मलाभ लेने की अपील की है।

जिनालय में हर शनिवार को महिलाओं व हर रविवार को बच्चों के लिए लगेंगे विशेष शिविर, रोजाना हो रहे विशेष धार्मिक आयोजन

बावन जिनालय जैन मंदिर में हुई धर्मसभा में मौजूद श्रावक-श्राविका।

तप से इंद्रियों को वश में करें : साध्वीश्री

प्रवचन में साध्वीश्री प्रमोदयशाश्रीजी ने कहा-जीव इंद्रियों के वशीभूत होकर अपनी जीवन लीला नष्ट कर देता है। मनुष्य तो पांचाें इंद्रियों के भोग में फंस कर अनेक कर्मों का बंध कर निचगति का बंध कर दुर्गति गामी बन जाता है। ज्ञानियों ने इंद्री विजय के लिए तप का मार्ग बताया है। उसमें भी विशेष रूप से रसेंद्रीय को विजय प्राप्त करने के लिए अायंबिल का तप बताया है। जो तप करता है वह इंद्रियों को अपने वश में कर मौक्ष मार्ग को प्रशस्त करता है।

सभी जिनालयों में दर्शनार्थी बढ़े

बावन जिनालय के अलावा गोड़ी पार्श्वनाथ जिनालय, महावीर बाग जिनालय, रंगपुरा जैन मंदिर, देवझिरी जैन मंदिर में भी गुरुवार से पूजन व दर्शन करने वालों की संख्या बढ़ गई। चार महीने तक तप आराधनाएं चलेंगी। राज हेमेंद्रपुष्प आयंबिल खाता भवन में भी चार महीने तक आयंबिल की आराधना होगी।

रोज यह होंगे कार्यक्रम

सुबह 6 बजे अभिषेक, 6.30 बजे -तत्वज्ञान कक्षा, 9 बजे-प्रवचन, दोपहर 2.30 बजे -तत्वज्ञान शिविर

शाम 7 बजे -प्रभु भक्ति

शाम 7.30 बजे- प्रतिक्रमण

शुरू हुई तप आराधनाएं

30 आराधकों ने पाया भरा, नौ दिन तक आयंबिल करेंगे।

40 आराधकों ने वर्धमान तप ओलीजी का तप शुरू किया।

30 श्राविकाओं ने पौषध किया।

300 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने पहले दिन प्रतिक्रमण किया

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