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आदिवासी दिवस पर 9 को झाबुआ आएंगे सीएम, जयस व कांग्रेसियों ने जताया विरोध

कलेक्टर बोले-आधिकारिक जानकारी नहीं आई है भास्कर संवाददाता | झाबुआ आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को मुख्यमंत्री...

Dainik Bhaskar

Aug 01, 2018, 04:00 AM IST
आदिवासी दिवस पर 9 को झाबुआ आएंगे सीएम, जयस व कांग्रेसियों ने जताया विरोध
कलेक्टर बोले-आधिकारिक जानकारी नहीं आई है

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान झाबुआ आएंगे। वे यहां से प्रदेशभर के आदिवासियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेशभर में होगा। सभी जिलों में सीधा प्रसारण आदिवासियों को दिखाने की व्यवस्था की जाएगी। सीएम के आगमन की खबर पर कांग्रेस और जयस ने विरोध दर्ज कराया है।

सीएम के कार्यक्रम की घोषणा होते ही जिले के भाजपा नेता और प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आ गए हैं। करीब एक लाख लोगों को कार्यक्रम में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भाजपा ने मंगलवार को मंडल स्तर की बैठकें शुरू कर दीं। कार्यक्रम में लोगों को लाने के लिए लक्ष्य तय किए गए।

बताया जाता है कलेक्टर आशीष सक्सेना और एसपी महेशचंद्र जैन भी सभास्थल के चयन की तैयारी में जुटे दिखे। पीजी कॉलेज मैदान और गोपालपुरा के पास हवाई पट्टी के मैदान में से किसी एक स्थान पर सभा कराने की तैयारी है। पीजी कॉलेज मैदान खुदा हुआ होने से गोपालपुरा मैदान में कार्यक्रम होने की संभावना अधिक है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होते ही राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस कह रही है-आदिवासी दिवस के दिन कार्यक्रम होने से समाज के लोगों को जबरन कार्यक्रम स्थल तक लाकर त्योहार खराब किया जाएगा। मुख्यमंत्री का काले झंडे दिखा कर विरोध किया जाएगा। जबकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने इतने सालों में आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया, अब मुख्यमंत्री कर रहे हैं तो तकलीफ हो रही है।


राजनीतिक कार्यक्रम से उद्देश्य से भटक जाता है आदिवासी दिवस : जयस

जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) के जिला प्रभारी महेश भाबर का कहना है-जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए आदिवासियों को जागरूक करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यूएनओ (यूनाइटेड नेशन ऑर्गेनाइजेशन) ने 9 अगस्त को आदिवासी दिवस घोषित किया था। यह देश ही नहीं विश्वभर में इस दिन मनाया जाता है। इस दिन राजनीतिक पार्टियों को आदिवासियों के बीच पहुंच कर उनके कार्यक्रमों में शामिल होना चाहिए। जबकि देखा यह जा रहा है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए इस दिन कभी प्रधानमंत्री तो कभी मुख्यमंत्री तो कभी और किसी बड़े राजनेता का कार्यक्रम रख कर आदिवासियों को रिझाने का प्रयास किया जाता है। हम इसका विरोध करते हैं। इस दिवस को तो आदिवासियों को मिलजुल कर मनाना चाहिए।

भाजपा अपना ठप्पा लगाना चाहती है : डॉ. भूरिया

सांसद कांतिलाल भूरिया के बेटे डॉ. विक्रांत भूरिया ने मंगलवार को बैठक में कहा-विश्व आदिवासी दिवस का नाम बदलकर भाजपा आदिवासी जन कल्याण दिवस करना चाहती है। इस तरह आदिवासियों के त्योहार पर अपना ठप्पा लगाना चाहती है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। पुरजोर विरोध किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया ने कहा-अादिवासी दिवस पर समाज के लोग एक-दूसरे से मिलते हैं। खुशी मनाते हैं। भाजपा इस दिन अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहती है। प्रशासन को टारगेट देकर समाज के लोगों को जबरन सभा स्थल तक लाकर त्योहार बिगाड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री चाहे तो दूसरे किसी दिन कार्यक्रम कर लें, त्योहार को हम बिगाड़ने नहीं देंगे।

कांग्रेसियों को क्यों मिर्ची लग रही है : सेठिया

भाजपा जिलाध्यक्ष मनोहर सेठिया ने बताया-मुख्यमंत्रीजी का भव्य स्वागत होगा। एक लाख लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे। इतने बरसों से कांग्रेस सोई थी। आज आदिवासी दिवस पर बधाई देने के लिए मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो ये सोए हुए लोग जाग गए। अभी तक इनको आदिवासी याद नहीं आ रहे थे। अच्छा कार्यक्रम हो रहा है तो आदिवासी होकर आदिवासी का विरोध क्यों कर रहे हैं। आदिवासी सम्मेलन में आदिवासियों को बधाई देने एक मुख्यमंत्री आ रहा है तो कांग्रेसियों को क्यों मिर्ची लग रही है।

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