• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Jhabua
  • तेज बारिश नहीं होने से बढ़ा कामलिया कीट का प्रकोप, जिलेभर में फसलों को कर रहा चट

तेज बारिश नहीं होने से बढ़ा कामलिया कीट का प्रकोप, जिलेभर में फसलों को कर रहा चट / तेज बारिश नहीं होने से बढ़ा कामलिया कीट का प्रकोप, जिलेभर में फसलों को कर रहा चट

Bhaskar News Network

Jul 19, 2018, 04:05 AM IST

Jhabua News - जिलेभर में इस तरह फसल को चट कर रहा है कामलिया कीट। खेतों में मेड़ किनारे शाम को रतनजोत की पत्तियां डालें ...

तेज बारिश नहीं होने से बढ़ा कामलिया कीट का प्रकोप, जिलेभर में फसलों को कर रहा चट
जिलेभर में इस तरह फसल को चट कर रहा है कामलिया कीट।

खेतों में मेड़ किनारे शाम को रतनजोत की पत्तियां डालें

वैज्ञानिक डॉ. आरके त्रिपाठी ने बताया कामलिया कीट की शंखी को खेत की मेड़, वृक्ष के नीचे या दीमक की बांबी के आसपास खोदकर नष्ट करें। खेतों में मेड़ के किनारे खांखरे या रतनजोत की पत्तियां शाम के समय डालें। यदि सुबह इनके नीचे इल्लियां मिले तो तत्काल नष्ट करें। खेत के चारो तरफ गहरी नाली खोदें जिससे इल्लियां खेत में प्रवेश करने से पहले ही उसमें गिरकर मर जाए। कामलिया कीट नियंत्रण के लिए रासायनिक दवा क्विनालफॉस (एकॉलाक्स 25 ईसी) की मात्रा 3.5 ग्राम/लीटर पानी में घोल बनाकर फसलों तथा खेत की मेड़ पर छिड़काव करें।

नियंत्रण आवश्यक -कामलिया कीट कुछ समय में ही फसल के तने व डंठल को छोड़कर पत्तियों को खाकर नष्ट कर देता है। ऐसे में कभी कभार पूरी फसल चौपट हो जाती है। यह कीट समूह में महामारी की तरह फसल को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए समय रहते इन पर नियंत्रण आवश्यक है।

परेशान किसान बोले

पौधे नष्ट कर रहा है कीट




किसान ऐसे करें कामलिया कीट की पहचान

कामलिया कीट के शरीर पर घने बाल रहते हैं इसलिए उसे कामलिया कीट या रोमिल इल्ली कहते हैं। स्थानीय भाषा में इसे कुतरा, घोघला या कंबल कीट के नाम से जाना जाता है। यह सभी फसलों को नुकसान पहुंचाता है। खासकर उड़द, मूंग, मूंगफली, मक्का, सोयाबीन, अरहर व कपास पर इसका असर ज्यादा होता है।

X
तेज बारिश नहीं होने से बढ़ा कामलिया कीट का प्रकोप, जिलेभर में फसलों को कर रहा चट
COMMENT