• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Jhabua
  • 48 घंटे में दूसरी बार फूटी पुरानी पाइप लाइन, शहर में नहीं हुआ पानी का वितरण, आज होगा
--Advertisement--

48 घंटे में दूसरी बार फूटी पुरानी पाइप लाइन, शहर में नहीं हुआ पानी का वितरण, आज होगा

Jhabua News - रामकुला नाले के पुल के पास नई पेयजल योजना की पाइपलाइन डालने की गुत्थी चार महीने में भी दो विभाग (पीएचई व नपा) सुलझा...

Dainik Bhaskar

Jul 04, 2018, 05:15 AM IST
48 घंटे में दूसरी बार फूटी पुरानी पाइप लाइन, शहर में नहीं हुआ पानी का वितरण, आज होगा
रामकुला नाले के पुल के पास नई पेयजल योजना की पाइपलाइन डालने की गुत्थी चार महीने में भी दो विभाग (पीएचई व नपा) सुलझा नहीं पाए हैं। यहां नई पाइपलाइन की शिफ्टिंग के काम के दौरान 48 घंटे में दूसरी बार पीएचई की वर्तमान पेयजल सप्लाय लाइन फूट गई। इससे जिन इलाकों में मंगलवार को पानी मिलना था, वहां सप्लाय नहीं हो पाया। पीएचई ने दावा किया है कि बुधवार को इन इलाकों में पेयजल प्रदाय कर दिया जाएगा।

दरअसल 47 करोड़ रुपए की नई पेयजल योजना में काम कर रही निर्माता एजेंसी ने रामकुला नाले के पुल की दीवार के पीछे एंगल लगा कर उस पर पाइपलाइन डाल दी थी। कुछ पक्के अतिक्रमण बचाने के लिए पीएचई की वर्तमान पेयजल लाइन के सुधार के लिए जगह छोड़ने के नाम पर डली हुई पाइपलाइन को शिफ्ट कर पुल की सड़क को संकरा किया जा रहा है। शिफ्टिंग के दौरान रविवार रात को निर्माता एजेंसी की जेसीबी के पंजे से जमीन में दबी पीएचई की पुरानी लाइन फूट गई थी। सोमवार रात 1 बजे तक पीएचई ने इसे सुधारा। मंगलवार को निर्माता कंपनी ने फिर काम चालू किया। दोपहर 1 बजे फिर जेसीबी से पाइपलाइन फोड़ दी। इस दौरान टंकियां भरी जा रही थी। लाइन फूटने से पानी फव्वारे के रूप में उड़ा और नाले में बह कर बर्बाद हो गया। लाइन फूटने पर मौके पर ही पीएचई अधिकारी व निर्माता कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों में बहस हो गई। पीएचई के उप यंत्री तिवारी का कहना है-अस्थायी रूप से लाइन को जोड़ कर टंकियां भरी जा रही है। जहां मंगलवार को सप्लाय नहीं हो पाया। वहां बुधवार को कर दिया जाएगा।

खुदाई के दौरान जेसीबी का पंजा लगने से आज फिर फूट गई पेयजल की पाइप लाइन।

तीन दिन से रास्ता बंद

पुलिस लाइन से शहर को जोड़ने वाला रास्ता पाइपलाइन शिफ्टिंग के कारण तीन दिन से बंद है। लोग गोविंद नगर की ओर से जा रहे हैं। चार पहिया वाहन भी जा रहे हैं। संकरी गली के कारण यहां भी जाम लग रहा है।

निर्माता एजेंसी और पीएचई के अपने-अपने तर्क

निर्माता एजेंसी के प्रतिनिधियों का मौके पर कहना था कि जब काम चलता है, तब पीएचई विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी बताने के लिए खड़ा नहीं रहता कि जमीन के नीचे कहां लाइन है और कहां नहीं। जबकि पीएचई उपयंत्री एसके तिवारी का कहना है-निर्माता कंपनी के कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी कम है। जहां एक बार लाइन फूटी है, उसी की सीध में दूसरी बार फिर लापरवाही पूर्वक खुदाई कौन करता है।

48 घंटे में दूसरी बार फूटी पुरानी पाइप लाइन, शहर में नहीं हुआ पानी का वितरण, आज होगा
X
48 घंटे में दूसरी बार फूटी पुरानी पाइप लाइन, शहर में नहीं हुआ पानी का वितरण, आज होगा
48 घंटे में दूसरी बार फूटी पुरानी पाइप लाइन, शहर में नहीं हुआ पानी का वितरण, आज होगा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..