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6 साल में डीएलएड की फीस 5 सौ से हो गई 4 हजार

शिक्षक बनने के लिए जरूरी डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एज्यूकेशन) करना अब बेरोजगारों के लिए महंगा हो गया। माशिमं...

Danik Bhaskar

Jul 04, 2018, 05:15 AM IST
शिक्षक बनने के लिए जरूरी डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एज्यूकेशन) करना अब बेरोजगारों के लिए महंगा हो गया। माशिमं ने इस साल फिर से परीक्षा फीस में बढ़ोत्तरी कर दी। परीक्षार्थी को अब परीक्षा फीस के रूप में 4 हजार रुपए देने होंगे। पिछले साल यह फीस 2575 रुपए थी। स्थिति यह है कि 6 साल में फीस में 8 गुना की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। वर्ष 2013 में मात्र 500 रुपए फीस लगती थी।

गौरतलब है कि शिक्षक बनने के लिए पहले माशिमं द्वारा डीएड ( डिप्लोमा एन एज्यूकेशन) कराया जाता है। डीएड करने वाले युवाओं को शिक्षक बनने में प्राथमिकता दी जाती थी। वर्ष 2015 में मंडल ने इसका नाम बदल कर डीएलएड कर दिया। सरकारी व निजी कॉलेजों द्वारा यह कोर्स कराया जाता है। मंडल द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस से युवाओं पर कोर्स का खर्चा लगातार बढ़ता जा रहा है।

सरकारी संस्थानों में तो फिर भी फीस भरना युवाओं के लिए आसान ही है, लेकिन निजी कॉलेजों में तो पूरे काेर्स के नाम पर 70 हजार से लेकर 90 हजार रुपए तक लिए जाते हैं। इसका न तो कोई प्रमाण विद्यार्थियों को दिया जाता है न ही विद्यार्थी ही इसका विरोध करते हैं। इसकी वजह शासकीय संस्थानों में सीटों की कम संख्या होना और शिक्षक बनने के लिए डीएलएड होना जरूरी है। ऐसे में युवा माेटी रकम देकर निजी संस्थान से डीएलएड कर दिया है। परीक्षा फीस बढ़ा देने से प्राइवेट कॉलेज संचालक भी पिछले साल से ज्यादा ही फीस लेंगे।

परीक्षा फीस बढ़ने से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। निजी कॉलेज संचालक छात्रों से फीस बढ़ा कर मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर स्कूल संचालकों का कहना है कि जब से शासन ने हायर सेकंडरी के छात्रों को लैपटॉप देना शुरू किए है तभी से मंडल द्वारा लगातार फीस बढ़ाई जा रही है। ताकि लैपटॉप में खर्च होने वाली राशि को दूसरे रास्ते से वसूला जा सके।

एजुकेशन हुआ महंगा

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हर साल बढ़ाई फीस, इस साल के 1400 रुपए को मिलाकर 8 गुना हो गई फीस वृद्धि

2013 में मात्र 500 रुपए थी फीस

वर्ष 2013 में डीएड करने वाले परीक्षार्थियों को मात्र 5 सौ रुपए परीक्षा फीस देनी होती थी। इसके बाद से लगातार फीस में वृद्धि की जा रही है। वर्ष 2014 में फीस बढ़ा कर 580 रुपए की गई। इसके बाद वर्ष 2015 में लगभग 14 सौ रुपए की बढ़ोत्तरी के साथ 2 हजार रुपए कर दी गई। वर्ष 2017 में फिर से फीस बढ़ा कर 2575 रुपए हुई। इस साल फिर फीस को बढ़ा कर सीधा 4 हजार रुपए कर दिया गया है। यानि बीते छह साल में डीएलएड की फीस मंडल द्वारा 8 गुनी बढ़ा दी गई है।

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