Home | Madhya Pradesh | Jhabua | आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू

आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू

आग लगते ही ग्रामीणों में मिट्‌टी से बुझाने का प्रयास किया। झोपड़ों से लोग बाहर निकले तो बची जनहानि भास्कर...

Bhaskar News Network| Last Modified - Jul 26, 2018, 03:05 PM IST

1 of
आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू
आग लगते ही ग्रामीणों में मिट्‌टी से बुझाने का प्रयास किया।

झोपड़ों से लोग बाहर निकले तो बची जनहानि

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर बुधवार शाम 5 बजे केमिकल टैंकर (जीजे 12 बीटी 7557) में लगी आग फैलने से चार झोपड़े धधकने लगे तो पूरा छापरी गांव दहशत में आ गया। आग लगी तो स्थानीय लोगों ने मोटर से व टैंकर लगाकर पानी डालना शुरू किया। पानी के साथ केमिकल तेजी से सड़क किनारे बने झोपड़ों तक बहकर चला गया। केमिकल में लगी आग फैलती गई। एक के बाद एक चार झोपड़े जलने लगे। गनीमत रही कि समय रहते सड़क किनारे खेलते बच्चों और झोपड़े में निवास कर रहे लोग बाहर निकल आए, जिससे जनहानि होने से बच गई। टैंकर गुजरात की ओर से आ रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया अचानक ही तेज रफ्तार टैंकर सड़क पर पलट गया। पलटते ही टैंकर में भरे कैमिकल का रिसाव शुरू हुआ और आग लग गई। टैंकर में एक व्यक्ति सवार था, जो हादसा होते ही भाग निकला। केमिकल रिसाव हो ही रहा था, लोगों ने आग बुझाने के लिए एक स्थानीय टैंकर से पानी डालना शुरू किया। पानी के साथ रिसता केमिकल व उसमें लगी आग झोपड़ों में फैलती गई।



फिर दमकल व टैंकर से आग पर काबू पाने की कोशिश हुई।

आग से जिंदगी के संघर्ष की पूरी कहानी

टैंकर पलटा तब कंचे खेल रहे थे बच्चे, दो मासूम आग के पास छूट गए, दादा उठा कर भागे

जिन चार झोपड़ों में आग लगी, उनमें नानसिंह पुनिया, उसके बेटे दिलीप, चैतू, रामसिंह, भाई भावला व उसके परिवार के करीब 25 सदस्य रहते हैं। झोपड़ों के आगे जब टैंकर पलटा तब बच्चे कंचे खेल रहे थे। टैंकर पलटने की आवाज सुन कर अन्य बच्चे तो भाग गए। दिलीप का 5 वर्षीय बालक सचिन और उसके भाई चैतू का 3 वर्षीय पोता युवराज टैंकर में लगी आग के पास ही थे। यह देख चैतू दौड़ा और दोनों बच्चों को गोद में उठा कर भागा। चार भैंसाें और बकरियों को तो परिवार के लोग खोल कर बाहर ले आए। एक भैंस का नवजात बछड़ा आग में जल गया। नानसिंह की प|ी संतू बाई ने बताया कुछ दिन पहले ही भैंस ने पाड़ी काे जन्म दिया था। नानसिंह के बेटे दिलीप ने बताया घर का कोई सामान बाहर नहीं ला पाए। जिस बच्चे युवराज को आग की लपटों से बचाया, उसके पिता गुजरात के मोरवी में मजदूरी करने गए हुए हैं।

इसके बाद फोम के जरिए आग पर काबू पाया गया।

पानी डालने से रोकने पर एसडीओपी से भिड़े ग्रामीण

पानी डालने से आग फैलती देख झाबुआ एसडीअोपी आरसी भाकर ने ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की तो विवाद हो गया। ग्रामीण कहने लगे-हमारे घरों में आग लगी है और हमें ही बुझाने नहीं दे रहे हो। भाकर ने बहुत समझाया कि बुझाने से नहीं रोक रहा हूं, मिट्टी या रेत डालो, पानी मत डालो। काफी विवाद के बाद लोग समझे और पानी की जगह रेत-मिट्टी डालने लगे।

टैंकर की आग फोम से, झोपड़ों की पानी से बुझाई

टैंकर पर पानी डालने से फैलते केमिकल को रोकने के लिए गेल इंडिया लि. से आए फोम की बौछार करने वाले दमकल से टैंकर पर फोम डाला। एक टैंकर फोम से आग पर कुछ नियंत्रण हुआ। टैंकर फिर गेल के प्लांट तक गया, तब तक झाबुआ, सरदारपुर, थांदला, मेघनगर, राणापुर के दमकल पहुंच गए। उनका पानी टैंकर पर नहीं डालने दिया। उनसे झोपड़ों में लगी आग ही बुझाई।

सुरक्षा में चूक : एक लेन पर आग दूसरी लेन पर गुजरते रहे वाहन, लोग भी आसपास घूमते रहे

टैंकर धधक रहा था, तब इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन के ट्रैफिक को डायवर्ट नहीं किया गया। एक लेन पर आग की लपटें थीं तो दूसरी लेन पर से दोनों तरफ का ट्रैफिक गुजर रहा था। ग्रामीण क्षेत्र होने से धधकते टैंकर के आसपास ही लोग घूमते रहे। एसडीओपी भाकर, तहसीलदार शक्तिसिंह चौहान समेत पुलिस अमले ने ग्रामीणों को हटाने की काेशिशें की लेकिन लोग बार-बार जलते टैंकर के पास आते रहे।

बायपास निकालने के बजाय डिवाइडर संकरा बना कर आबादी वाले इलाके से निकाला फोरलेन

इंदौर-अहमदाबाद फाेरलेन की योजना में अधिकतर आबादी वाले क्षेत्रों में बायपास बनाया गया है लेकिन कालीदेवी-छापरी में बायपास नहीं बनाया गया। यहां तक सड़क किनारे का अतिक्रमण बचाने के लिए इस आबादी वाले क्षेत्र में डिवाइडर काे संकरा बना कर फोरलेन निकाल दिया। तेज रफ्तार वाहन आबादी क्षेत्र से निकलने पर हमेशा ही हादसे का खतरा बना रहता है।

आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू
आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू
आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू
आग बुझाने पानी डाला तो बहकर 4 झोपड़ों तक पहुंच गया केमिकल, फैलती गई आग, दो घंटे में फोम से पाया काबू
prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now