पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Jhabua News Mp News 55 Lakh Gold Jewelery Was Also Found These Were Also Going To The Jewelers Of Ratlam

55 लाख के सोने के आभूषण भी मिले, ये भी रतलाम के ज्वेलर्स के पास जा रहे थे

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पकड़े गए कसेरा का भाई भी पिछले साल चांदी के आभूषणों के साथ पकड़ाया था

बिना दस्तावेजों के कैंपर वाहन में गुप्त जगहें बनाकर चांदी के आभूषण लेकर जा रहे तीन आरोपियों से 273 किलोग्राम चांदी के आभूषणों के अलावा लगभग 55 लाख रुपए के सोने के आभूषण भी बरामद हुए। पुलिस ने शनिवार सुबह से शाम तक चांदी का तौल किया। शाम को सोने के आभूषणों की जांच हुई और उनका वजन किया गया। जांच में असली आभूषण पाए गए। इनका वजन 1 किलो 25 ग्राम निकला। ये भी रतलाम के ही ज्वेलर्स के यहां ले जाया जा रहा था। पकड़े गए तीन आरोपियों में से प्रहलाद कसेरा का चचेरा भाई तुलसी भी पिछले साल चांदी के आभूषण छिपाकर ले जाने में पकड़ाया था। अब पकड़े गए माल की कीमत 1 करोड़ 70 लाख के आसपास हो गई।

अपना माल बचाने के लिए अब पूरे रूट के सभी ज्वेलर सक्रिय हो गए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इनके नाम सामने नहीं रखे हैं। इतना जरूर बताया कि रतलाम निवासी विजय राठौर आभूषण लाने के लिए कोरियर का काम करता है। पुलिस ये पता लगा रही है कि महीने में कितनी बार इस तरह से आभूषण लाए जाते हैं और कितनी बार बिल कटते हैं।

माल चोरी हुआ तो काम मिलना बंद हो गया : साल 2018 में प्रहलाद के ही एक और चचेरे भाई की कार की डिक्की से आधा किलो सोना और एक क्विंटल चांदी चाेरी हो गई थी। इसके बाद से उसे काम मिलना कम हो गया।

ये थी घटना : इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर फूलमाल तिराहे पर शनिवार सुबह 8 बजे यातायात पुलिस ने गाड़ी पकड़ी थी। इसमें गुप्त जगहें बनाकर 273 किलो चांदी और 1025 ग्राम सोने के आभूषण ले जाए जा रहे थे। इन लोगों के पास कोई बिल या दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने गाड़ी के ड्रायवर लालाराम पिता हेमराज चौहान निवासी दयालनगर रतलाम और दो साथियों प्रहलाद पिता समरथमल निवासी कसेरा बाजार व घनश्याम पिता किशनलाल निवासी कल्याणनगर रतलाम को पकड़ा।

मीणा ने ही पकड़ा था चुनाव के समय : आरोपी प्रहलाद कसेरा और उसके चचेरे भाई सराफा व्यवसायियों के लिए चांदी-सोने की तस्करी में कोरियर का काम करते हैं। पिछले साल चुनाव के दौरान 6 मई 2019 को भी यातायात प्रभारी कोमल मीणा ने ही पिटोल बैरियर पर चेकिंग में वाॅल्वो बस से प्रहलाद के चचेरे भाई तुलसी उर्फ रामेश्वर पिता कन्हैयालाल कसेरा को 190 किलो चांदी के साथ पकड़ा था। चुनाव आचार संहिता के दौरान चेकिंग में पुलिस को बस की डिक्की में 9 बोरियों में चांदी के आभूषण मिले थे। जब्त आभूषण की कीमत 67 लाख थी। रामेश्वर के पास 14 लाख 30 हजार रुपए के ही बिल मिले थे। पुलिस ने मामला आयकर तथा वाणिज्य कर विभाग को सौंप दिया था।


भास्कर पड़ताल- गाड़ी सलामत पहुंच जाती तो कोरियर वालों को मिलते 80 हजार रुपए, इन्हें कहते हैं आंगड़िया

रतलाम में सराफा बाजार का गणित कुछ ऐसा है। यहां एक किलो सोना लाने पर कोरियर वाले को 10 हजार रुपए और 1 क्विंटल चांदी लाने पर 25 हजार रुपए दिए जाते हैं। अगर ये गाड़ी सही सलामत पहुंच जाती तो कोरियर वालों को लगभग 80 हजार रुपए मिलते। ये बगैर बिल के लाना होते हैं। जानकारों के अनुसार, अगर बिना बिल के माल आ जाता है तो सराफा व्यवसायी को एक किलो सोने पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए और एक क्विंटल चांदी पर चार लाख रुपए की बचत होती है। बिना बिल के माल लाने वाले को सराफा की भाषा में आंगड़िया कहा जाता है। रतलाम में सोना मुंबई, जयपुर और चेन्नई से तथा चांदी गुजरात और महाराष्ट्र से आती है।
खबरें और भी हैं...