मक्का के पौधों को चट कर रही अमेरिकन काली इल्लियां, इसलिए अन्य फसलों की बोवनी नहीं कर रहे हैं किसान

Jhabua News - भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर/जोबट रबि फसलों की बोवनी शुरू हो चुकी है। पिछले साल इस समय तक करीब 50 प्रतिशत बोवनी...

Nov 19, 2019, 08:25 AM IST
Jobat News - mp news american black cats are licking maize plants so farmers are not sowing other crops
भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर/जोबट

रबि फसलों की बोवनी शुरू हो चुकी है। पिछले साल इस समय तक करीब 50 प्रतिशत बोवनी जिले में हो चुकी थी, लेकिन इस बार मक्का लगाने वाले किसानों की स्थिति देखकर दूसरे किसान अन्य फसलों की बोवनी करने से बच रहे हैं। मक्का पर फाॅल आर्मी वर्म (अमेरिकन काली इल्ली) का प्रकोप है। इल्लियां मक्का की फसल को चट कर रही है। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो यह इल्लियां दूसरी फसलों को खाने में भी सक्षम हैं। किसान कई तरह के कीटनाशक का छिड़काव कर अपनी फसलों को बचाने के जतन में लगे हैं। किसानों का रुपया भी बर्बाद हो रहा है, फसल का भी नुकसान हो रहा है, लेकिन दवाइयों का भी कोई असर इन इल्लियों पर नहीं दिख रहा है।

यह क्षेत्र ज्यादा हो रहे प्रभावित : इल्लियों से सोंडवा, कट्ठीवाड़ा व जोबट क्षेत्र की फसलें ज्यादा प्रभावित हो रही है। जोबट तहसील में करीब 250 से 300 हेक्टेयर में किसान बोवनी कर चुके हैं। लगभग 6 हजार हेक्टेयर रबी की फसल लगाए जाने का अनुमान है, लेकिन मक्का पर प्रकोप के चलते किसान फिलहाल बोवनी करने से बचते नजर आ रहे हैं। किसान हिरला चौहान बेगड़ा ने बताया दो हेक्टेयर जमीन में मक्का लगाई थी। इल्ली के प्रकोप से पीली पड़ने के बाद खराब हो गई। उंडारी के पटेल फलिया के भंगड़ा पिता नजरू मक्का की फसल में इल्ली लगी थी। 6 बार बाजार से दवाई लेकर छिड़काव किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। इसी गांव के जालमसिंह पिता धनसिंह ने बताया उसका गेहूं 21 दिन का हुआ है। जिसमें कुछ जगह इल्ली का प्रकोप दिखाई दे रहा है। चार बार फसल पर दवाई का छिड़काव कर चुके हैं।

एक्सपर्ट व्यू; केसी वास्केल, कृषि विकास विभाग

फॉल आर्मी वर्म एक बहुभक्षी कीट है, जो 80 से ज्यादा प्रकार की फसल पर नुकसान करता है। मक्का सबसे पसंदीदा फसल है। इस कीट के पतंगे हवा के साथ एक रात में करीब 10 किमी तक प्रवास कर सकते हैं। मादा अपने जीवन काल में करीब 1 हजार तक अंडे दे सकती है। यह कीट झूंड में आक्रमण कर पूरी फसल को कुछ ही समय में नष्ट करने की क्षमता रखते हैं।

जाेबट. क्षेत्र में मक्का की फसल पर अमकिन काली इल्लियों का प्रकोप दिखाता किसान।

फॉल आर्मी वर्म पहचान और जीवन चक्र

अंडा: अंडे गोलाकार एवं हरे रंग के होते हैं। अंडे फूटने से पूर्व हल्के भूरे रंग के हो जाते हैं।

इल्ली लार्वा: इल्ली हल्के हरे से गहरे भूरे रंग की होती है। पीठ पर लंबाई में धारियां पाई जाती है। शरीर पर काली पृष्ठीय और गोलाकार रेखाएं बनने लगती है। अंतिम अवस्था चरण में आर्मी वाॅर्म लगभग काली हो जाती है। बड़े लार्वा के सिर पर पीले रंग का एक उल्टे आकृति का चिह्न होता है।

शंखी अवस्था: नर प्यूपा की लंबाई 1.3 से 1.5 सेमी, जबकि मादा प्यूपा की लंबाई 1.6 से 1.7 सेमी होती है। ये चमकदार भूरे रंग के होते हैं।

वयस्क अवस्था: अगले पंखों पर हल्के भूरे रंग के स्केल पाए जाते हैं। ऊपरी किनारे पर सफेद रंग का धब्बा स्पष्ट दिखाई देता है।


किसानों के लिए ये है इल्लियों से बचाव के उपाय


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