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वाहन में तीन जगह बना रखे थे गोपनीय केबिन, व्यापारी बोले- हमारे पास बिल है

एक वर्ष पहले
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भास्कर सवाल- अगर सही है तो छिपाकर क्यों ले जा रहे थे चांदी

इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर फूलमाल तिराहे पर यातायात पुलिस द्वारा पकड़ी गई कैंपर गाड़ी (एमपी 43 जी 3755) में 1 करेाड़ 17 लाख की चांदी मिली। यह चांदी गाड़ी में तीन अलग-अगल जगह बनाई गए गोपनीय केबिन में छिपा कर रखी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह चांदी टैक्स बचाने के लिए छुपाकर ले जाई जा रही थी। गाड़ी पकड़ाने के बाद ही व्यापारी भी थाने पहुंच गए और दावा करने लगे कि यह चांदी एक नंबर की है। सभी के बिल भी हैं। लेकिन सवाल खड़ा होता है कि अगर यह चांदी एक नंबर की है तो इसे छुपाकर क्यों ले जा रहे थे।

शनिवार सुबह लगभग 8 बजे यातायात थाना प्रभारी कोमल मीणा और उनकी चेकिंग कर रहे थे तभी इस गाड़ी को पुलिस ने रोका। इसमें ड्राइवर लालाराम पिता हेमराज चौहान निवासी दयालनगर रतलाम और दो साथियों प्रहलाद पिता समरथमल निवासी कसेरा बाजार व घनश्याम पिता किशनलाल निवासी कल्याण नगर रतलाम थे। दस्तावेजों की जांच के बाद सामान देखने के लिए गए तो पीछे के केबिन में एक भारी-भरकम सोडा मशीन रखी थी। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी का बोनट खुलवाया तो दंग रह गई।

इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर कैंपर गाड़ी से पकड़ाई 1 करोड़ 17 लाख की चांदी

सामान रखने के कैबिन में फर्श के नीचे बनाई थी गुप्त जगह

ऐसे चोरी होता है टैक्स : खबर है कि इस तरह की गाड़ियां अक्सर राजकोट या दूसरे इलाकों से सोने और चांदी के आभूषण बिना बिल या दस्तावेजों के लेकर आते हैं। जब तक नहीं पकड़ में आए तो ठीक, जब पकड़े जाते हैं तो ताबड़तोड़ व्यापारियों को बिल वाट्सएप पर या मेल करके भेज दिए जाते हैं, ताकि वो ये बता सकें कि उनके पास इसके बिल हैं। इसमें आयकर और जीएसटी दोनों की चोरी होती है।


इंजिन और इसके आसपास की खाली जगह में बोरियां फंसी हुई थी। इन्हें निकलवाया तो चांदी के आभूषण निकले। फिर गाड़ी की अच्छे से जांच शुरू की गई। केबिन से सोडा मशीन उतरवाई तो फर्श की चद्दर के नीचे एक और गुप्त जगह मिली। इसमें से दर्जनों पैकेट चांदी के आभूषणों के निकले। पिछली सीट के नीचे भी एक गुप्त जगह बनाई गई थी। गाड़ी से आभूषणों के पैकेट निकालने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा। पुलिस ने वजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक तोल मशीन बुलवाई। एक-एक कर सारे पैकेट तुलवाए गए। दोपहर 1 बजे तक ये चला। कुल 273 किलोग्राम चांदी के आभूषण निकले।


दावा, बिल है, ये तो कोरियर वाले : गाड़ी वालों का कहना है, वो कोरियर वाले हैं। अक्सर व्यापारियों का माल लेकर आते हैं। झाबुआ जिले के व्यापारियों से लेकर रतलाम और मंदसौर तक के लिए लाते हैं। माल एक नंबर का है। थाने पहुंचे व्यापारियों ने भी यही दावा किया।

सवाल, सही है तो कागज साथ क्यों नहीं

लेकिन सवाल ये उठता है कि अगर माल एक नंबर का है तो इसे छिपाकर क्यों लाया जा रहा था। पुलिस के पूछने पर गाड़ी वालों ने क्यों नहीं बताया। गाड़ी में एक भी सामान को लेकर कोई बिल या दस्तावेज नहीं था। नियमानुसार एक-एक ग्राम आभूषण के बिल की कॉपी उनके पास होना चाहिए।

थाने में जब्त चांदी के आभूषणों के साथ पकड़े गए आरोपी।
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